निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए सचिव समूह का होगा गठन
नई दिल्ली। सरकार ने देश में निवेश को प्रोत्साहन देने के कैबिनट सचिव की अध्यक्षता में ‘ अधिकार प्राप्त सचिव समूह ‘ के गठन का फैसला किया है। इसके साथ ही मंत्रालयों में ‘ परियोजना विकास प्रकोष्ठ’ बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति की बैठक में …
नई दिल्ली। सरकार ने देश में निवेश को प्रोत्साहन देने के कैबिनट सचिव की अध्यक्षता में ‘ अधिकार प्राप्त सचिव समूह ‘ के गठन का फैसला किया है। इसके साथ ही मंत्रालयों में ‘ परियोजना विकास प्रकोष्ठ’ बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सरकार के इन फैसलों से निवेश का माहौल बनाने में मदद मिलेगी और ‘मेक इन इंडिया ‘ अभियान को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था को 5000 अरब डालर की बनाने के अनुरूप है।
उन्होंने बताया कि सचिव समूह और परियोजना प्रकोष्ठ राज्य और विभिन्न विभागों तथा निवेशकों के बीच सहयोग और समन्वय स्थापित करेंगे और निवेश प्रक्रिया को बाधा रहित तथा सरल बनाएंगे। इससे निवेशकों को आसानी होगी और देशभर में उद्योग धंधे स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
जावड़ेकर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अमेरिकी, यूरोपीय और चीन के बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। सरकार के फैसले विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित करने में मदद करेंगे और बदलती हुई विश्व अर्थव्यवस्था में भारतीय उद्योगपति फायदा उठा सकेंगे।
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित होने वाले उच्च अधिकार प्राप्त सचिव समूह में नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। इसके अलावा उद्योग एवं घरेलू व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव इसमें संयोजक सदस्य बनाए गए हैं। सचिव समूह में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग और संबंधित मामलों के विभाग के सचिव सदस्य होंगे।
सचिव समूह के मुख्य जिम्मेदारी निवेश परियोजनाओं को समय से मंजूरी देना और संबंधित विभागों और मंत्रालयों तथा राज्यों के बीच मतभेदों को दूर करते हुए समन्वय बनाना होगा।
परियोजना विकास प्रकोष्ठ सभी मंत्रालयों में गठित होंगे और इनकी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय करना होगा। यह प्रकोष्ठ विदेशी प्रत्यक्ष निवेश पर ध्यान केंद्रित करेंगे और और बाधाओं को दूर करेंगे। प्रकोष्ठ का गठन संयुक्त सचिव के नेतृत्व में किया जाएगा और यह सचिव के दिशा दिशा निर्देशों के अनुरूप काम करेंगे।
