बरेली: शुष्क बागवानी योजना से बढ़ेगी किसानों की आय, इस दिन तक कर सकते हैं आवेदन

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बरेली, अमृत विचार। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई आधारित शुष्क बागवानी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत कृषि विभाग अनुदान देगा। इससे कम सिंचाई वाले फलदार पौधे लगा सकते हैं। आंवला, बेर, कटहल, जामुन, बेल, अनार, नींबू के पौधे लगाने पर 50 फीसदी अनुदान सरकार देगी। इस …

बरेली, अमृत विचार। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई आधारित शुष्क बागवानी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत कृषि विभाग अनुदान देगा। इससे कम सिंचाई वाले फलदार पौधे लगा सकते हैं। आंवला, बेर, कटहल, जामुन, बेल, अनार, नींबू के पौधे लगाने पर 50 फीसदी अनुदान सरकार देगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान 31 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिलावार योजना संचालन के लिए किसानों को सेंटर आफ एक्सीलेंस द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। बागवानी फसलों से किसान कम भूमि में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। फलों की खेती में किसान एक बार पौधा लगाकर कई वर्षों तक इससे आय प्राप्त कर सकते हैं।

फलदार पेड़ों को प्राथमिकता
बागवानी के लिए सात निश्चय-2 के तहत सूक्ष्म सिंचाई आधारित शुष्क बागवानी योजना शुरू की है। योजना के तहत उन फलदार पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो कम पानी में भी अच्छा उत्पादन देते हैं। किसान योजना के तहत इन पौधों को अपने खेतों की मेड़ पर भी लगा सकते हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होगी।

खाली जगह में कर सकते हैं सब्जी की खेती
इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा, जो अनिवार्य रूप से ड्रिप सिंचाई संस्थापित किए हों अथवा जिनके द्वारा ड्रिप सिंचाई का संस्थापन का कार्य कराया जा रहा हो। फल पौधों के बीच खाली जगह के लिए इच्छानुसार 7500 सब्जी के पौधे प्रति हेक्टेयर एकीकृत उद्यान विकास योजना से किसानों की मांग के अनुरूप उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रति इकाई 30 हजार मिलेगा अनुदान
फलदार पौधों की खेती करने के लिए प्रति इकाई को 30 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। एक हेक्टेयर भूमि में आंवला के 278, बेर के 278, कटहल के 100, जामुन के 156, बेल के 166, अनार के 400, नींबू के 400 और मीठा नींबू के 400 पौधे रोपे जा सकते हैं। योजना के अन्तर्गत सूक्ष्म सिंचाई पद्धति यानी ड्रिप, माइक्रो स्प्रिंकलर, मिनी स्प्रिंकलर लगाने वाले किसानों को कम सिंचाई वाले फलों को लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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