हल्द्वानी: महंगाई की मार, डेयरी विकास निदेशालय भवन बनने से पहले ही सवा करोड़ बढ़ गया बजट
हल्द्वानी, अमृत विचार। एक प्रोजेक्ट पर छह साल से प्रस्ताव तैयार है। शासन की स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन, उसकी नींव रखने में इतनी देरी की गई कि अब महंगाई का पेंच फंस गया। शासन और विभागों की सुस्ती के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का यह मामला डेयरी विकास निदेशालय का …
हल्द्वानी, अमृत विचार। एक प्रोजेक्ट पर छह साल से प्रस्ताव तैयार है। शासन की स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन, उसकी नींव रखने में इतनी देरी की गई कि अब महंगाई का पेंच फंस गया। शासन और विभागों की सुस्ती के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का यह मामला डेयरी विकास निदेशालय का है। जो दो मंजिला भवन 4.87 करोड़ रुपये में पूरा होने वाला था, अब उस पर छह करोड़ से भी ज्यादा खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मंगल पड़ाव पुलिस चौकी के पीछे स्थित डेयरी विकास निदेशालय का कार्यालय काफी पुराना है। पुरानी बिल्डिंग होने की वजह से उसे शिफ्ट करने को लेकर वर्ष 2016 में प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके लिए तीनपानी में उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के सामने 1.75 हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित की जा चुकी थी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर भी हो गया।
लेकिन, बजट जारी करने में इतनी देरी हुई कि छह साल बाद 26 फीसदी खर्चा बढ़ गया। वर्ष 2022 में शासन ने एक करोड़ रुपये भेजकर काम शुरू कराने के निर्देश दिए, लेकिन अब महंगाई का पेंच फंसने से भवना का निर्माण शुरू होने में फिर विलंब शुरू हो गया है। सरिया, सीमेंट, रेता, बजरी, ईंटे आदि महंगी होने की वजह से अब निर्माण में छह से सवा छह करोड़ रुपये तक के खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है।
छह साल में निर्माण सामग्रियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। पुराने बजट पर निर्माण कार्य हो पाना मुश्किल है। कार्यदायी संस्थान पेयजल निर्माण निगम से इस बाबत बैठक की जाएगी, जिसके बाद नया इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जा सके। करीब 26 फीसदी बजट बढ़ने का अनुमान है। – संजय कुमार, निदेशक, डेयरी विकास निदेशालय
