लखनऊ: केजीएमयू में ओपीडी सेवाएं ठप होने से मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, सैंकड़ों मरीज बिना इलाज लौटे
लखनऊ। केजीएमयू में आज कर्मचारियों ने एसजीपीजीआई के समान वेतन व कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर ओपीडी में धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। कर्मचारी परिषद के बैनर तले शुरू हुआ धरना दिन चढ़ने के साथ बढ़ता ही जा रहा था,सुबह आठ बजे से ही कर्मचारी ओपीडी हॉल में धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। …
लखनऊ। केजीएमयू में आज कर्मचारियों ने एसजीपीजीआई के समान वेतन व कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर ओपीडी में धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। कर्मचारी परिषद के बैनर तले शुरू हुआ धरना दिन चढ़ने के साथ बढ़ता ही जा रहा था,सुबह आठ बजे से ही कर्मचारी ओपीडी हॉल में धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
वहीं दूसरी तरफ इलाज के लिए आये मरीजों को इलाज मिलना तो दूर वह ओपीडी के अंदर घुस तक नहीं पा रहे थे। देखा जाये तो कर्मचारियों द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान उनका साथ प्रशासन दे रहा था। अंदर कर्मचारी धरना दे रहे थे तो ओपीडी के मुख्यद्वार पर खड़े होकर पुलिस वाले मरीजों को अंदर जाने से रोक रहे थे।
उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से आये मरीजों की तकलीफ बढ़ती जा रही थी,कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा था,मरीजों के परिजन परेशान थे,उनका सिर्फ इतना कहना था कि यदि आज हड़ताल करनी थी,तो ओपीडी का ऑनलाइन अप्वाइमेंट क्यों दिया गया।
पहले से कोई सूचना भी नहीं दी गयी। वहीं कुछ लोग इस समस्या के लिए सरकार को दोष दे रहे थे। इलाज मिलता न देख सैकड़ों मरीज बिना इलाज ही वापस लौट गये,वहीं सैकड़ों मरीज तेज धूप में भी इलाज की आस में बैठे रहे। मरीजों को लग रहा था कि समय रहते सरकार कर्मचारियों की बात मान लेगी। तो कर्मचारी धरना खत्म कर देंगे और मरीजों को इलाज मिल जायेगा।
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