नैनीताल: डीपीआर में बढ़ रहा बजट, धरातल पर नहीं शुरू हुआ ठंडी रोड का कार्य

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नैनीताल, अमृत विचार। ठंडी सड़क के स्थायी समाधान के लिए एक बार फिर से डीपीआर में बदलाव किया गया है। आईआईटी रुड़की द्वारा इसमें संशोधन के बाद नये सुझाव दिए गए हैं, जिससे डीपीआर का बजट फिर से बढ़ाया गया है। अब जाकर कहीं फाइनल डीपीआर शासन को भेजी जा रही है, लेकिन करीब एक …

नैनीताल, अमृत विचार। ठंडी सड़क के स्थायी समाधान के लिए एक बार फिर से डीपीआर में बदलाव किया गया है। आईआईटी रुड़की द्वारा इसमें संशोधन के बाद नये सुझाव दिए गए हैं, जिससे डीपीआर का बजट फिर से बढ़ाया गया है। अब जाकर कहीं फाइनल डीपीआर शासन को भेजी जा रही है, लेकिन करीब एक साल पूरा होने के बाद भी अब कब तक धरातल पर कार्य शुरू हो पाएगा, यह कहना मुश्किल है।

मालूम हो कि पिछले वर्ष अक्टूबर में आई आपदा के दौरान ठंडी सड़क पर पहाड़ियों से भूस्खलन शुरू होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, साथ ही उसके बाद से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। डीएसबी के एसआर हॉस्टल की पहाड़ी दरकने से यहां रह रही छात्राओं को अन्यत्र शिफ्ट किया गया था। इसके बाद पहाड़ी का अस्थायी ट्रीटमेंट शुरू किया गया था।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में काम को लेकर पूर्व में भेजी गई डीपीआर में आईआईटी रुड़की की ओर से संशोधन के बाद करीब 10 करोड़ की डीपीआर फाइनल की गई है। जिसे शासन में भेजने की तैयारी की जा रही है। बजट राशि मिलते ही पहाड़ी में भूस्खलन पर नियंत्रण के लिए कार्य शुरू किया जाएगा।

पहले छह फिर आठ और अब बनाया 10 करोड़ का बजट
ठंडी सड़क के स्थायी समाधान के लिए अभी तक सिंचाई विभाग की ओर से छह करोड़ और उसके बाद आठ करोड़ की डीपीआर तैयार की गई थी, जिसमें आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा संशोधन कराया गया है। इसके बाद अतिरिक्त दो करोड़ का बजट बढ़ाया गया है। इससे अब फाइनल डीपीआर 10 करोड़ की बनी है।

ये होने हैं सुरक्षा कार्य
इसके तहत ठंडी रोड पहाड़ी का सुरक्षा दीवार, एंकर बोल्ट, आरसीसी कैंटीलीवर वॉल, माइक्रोपाइल, शॉर्ट कटिंग तकनीक से ट्रीटमेंट किया जाएगा। जिससे पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन को रोका जा सके।

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