मुरादाबाद : ‘मनुष्य को माया का मोह त्याग देना चाहिए’

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मुरादाबाद,अमृत विचार। जो व्यक्ति सुशील और विनम्र होते हैं और बड़ों का अभिवादन व सम्मान करने वाले होते हैं, उनकी आयु, विद्या, कीर्ति और बल इन चारों में वृद्धि होती है। यह बात कांशीराम नगर स्थित द्वारकाधीश मंदिर में आयोजित भजन संध्या में कथा व्यास धीरशान्त दास अर्द्धमौनी ने कही। उन्होंने बताया कि त्याग उसी …

मुरादाबाद,अमृत विचार। जो व्यक्ति सुशील और विनम्र होते हैं और बड़ों का अभिवादन व सम्मान करने वाले होते हैं, उनकी आयु, विद्या, कीर्ति और बल इन चारों में वृद्धि होती है। यह बात कांशीराम नगर स्थित द्वारकाधीश मंदिर में आयोजित भजन संध्या में कथा व्यास धीरशान्त दास अर्द्धमौनी ने कही।

उन्होंने बताया कि त्याग उसी का हो सकता है जो वास्तव में नहीं होता। भगवान राम ने भी पंचवटी में यही कहा है। इस माया में ही संसार फंसा हुआ है। माया का त्याग किया जा सकता है। जिस प्रकार मुट्ठी में भरी रेत धीरे-धीरे सरकती जाती है, ठीक उसी प्रकार समय भी हमारे हाथों से धीरे-धीरे सरकता जाता है। यहां प्रत्येक वस्तु, पदार्थ और व्यक्ति एक ना एक दिन सबको जीर्ण-शीर्ण अवस्था को प्राप्त करना है। जरा किसी को भी नहीं छोड़ती।

भजनोत्सव में डा. फूल सिंह सैनी, डा. कौशल्या देवी, पारुल सैनी, चेतना सैनी, केशव सैनी, मोना अग्रवाल, अनुराधा खुराना, नीतू सिंह, श्वेता सिंह, सुधा शर्मा, अंकुश सिंह, देवांश अग्रवाल, कुसुम उत्तरेजा, सपना चौधरी, किरन सिंह आदि उपस्थित रहे।

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