हज यात्रा के दौरान काबा को छूने पर रोक
ढाका/नई दिल्ली। सऊदी राष्ट्रीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रसार को रोकने के लिए एक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल जारी किया है जिसके अनुसार इस साल हज के दौरान काबा को छूने पर प्रतिबंध लागू रहेगा। बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि …
ढाका/नई दिल्ली। सऊदी राष्ट्रीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रसार को रोकने के लिए एक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल जारी किया है जिसके अनुसार इस साल हज के दौरान काबा को छूने पर प्रतिबंध लागू रहेगा। बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि हजयात्रा के दौरान हजयात्रियों के बीच सभाओं और बैठकों को भी प्रतिबंधित किया गया है।
सामूहिक नमाज सहित अनुष्ठानों तथा काबा के चारों ओर चक्कर लगाने के दौरान प्रत्येक हजयात्री के बीच डेढ़ मीटर की सामाजिक दूरी रहेगी। सऊदी ने जून में फैसला किया था कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हज में शामिल होने वाले घरेलू तीर्थयात्रियों की संख्या को लगभग 1000 तक सीमित कर दिया जाए।
इसके अलावा मोना, मुजदलिफाह और अराफात में पवित्र हज स्थलों तक पहुंच भी हज परमिट के साथ सीमित होगी। हज यात्रा आगामी 19 जुलाई से शुरू होगी जो दो अगस्त तक जारी रहेगी। इस दौरान हजयात्रियों तथा आयोजकों दोनों के लिए हर समय मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सऊदी अरब के इस वर्ष के हज यात्रा को काफी सीमित करने के निर्णय का समर्थन किया है।
