हल्द्वानी: साहसी बेटी के त्याग से पिता को मिला जीवनदान, भावुक पिता बोले- सबको ऐसी बेटी मिले
संजय पाठक, हल्द्वानी। बेटियों पर नाज करने की यूं तो ढेरों वजह हैं। जिस परिवार में बेटियां होती हैं वह समझ सकता है कि रिश्तों को निभाने में बेटियों का कोई सानी नहीं। बीएसएफ में हवलदार पद से देश सेवा कर लौटे पिता बिपिन कांडपाल को उनकी 21 वर्षीय बेटी पायल ने भी खुद पर …
संजय पाठक, हल्द्वानी। बेटियों पर नाज करने की यूं तो ढेरों वजह हैं। जिस परिवार में बेटियां होती हैं वह समझ सकता है कि रिश्तों को निभाने में बेटियों का कोई सानी नहीं। बीएसएफ में हवलदार पद से देश सेवा कर लौटे पिता बिपिन कांडपाल को उनकी 21 वर्षीय बेटी पायल ने भी खुद पर नाज करने का ऐसा ही अवसर दिया है। साहसी बेटी ने खुद की परवाह किए बगैर लीवर डोनेट कर पिता को जीवनदान दिया है। फिलहाल पिता स्वस्थ हैं और अस्पताल से छुट्टी लेकर गुरुग्राम में रहे हैं जबकि बेटी पायल हल्द्वानी लौट आई हैं। बेटी के त्याग से पिता समेत पूरा परिवार बेहद खुश है।

अमृत विचार से खास बातचीत में मूलरुप से बागेश्वर के काकड़ा खोली निवासी और वर्तमान में फार्म नंबर तीन डहरिया स्थित नीलांचल कॉलोनी फेज पांच निवासी बिपिन कांडपाल ने बताया कि साल 2009 में बीएसएफ से वीआरएस लेने के बाद उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड्स से जुड़ी एजेंसी की शुरुआत की। सबकुछ ठीक चल रहा था कि साल 2020 में लीवर में दिक्कत शुरू हुई। स्थानीय स्तर पर इलाज करने के बाद पहले ऋषिकेश एम्स फिर दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलएरी साइंसेस में इलाज को पहुंचे लेकिन राहत नहीं मिली। जिसके बाद गुरुग्राम स्थित निजी हॉस्पिटल में भर्ती हुए जहां चिकित्सकों ने जल्द से जल्द लीवर डोनर ढूंढने की सलाह दी। परिवार में पत्नी विमला आगे आईं लेकिन फैटी लीवर की समस्या आड़े आ गई। बेटे शुभम का वजन कम निकला तो बड़ी बेटी प्रिया तिवारी भी असमर्थ रही।

इस बीच भोजीपुरा स्थित मेडिकल कॉलेज से बीएससी ऑप्टोमेट्री की पढ़ाई कर रही छोटी बेटी पायल हताश परिवार के लिए उम्मीद बनकर सामने आई। हालांकि जब पायल ने लीवर डोनेट करने की पहल की तो सभी ने छोटी उम्र और स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया लेकिन पिता की जिंदगी के लिए पायल पीछे नहीं हटी। बीते 22 अगस्त को आखिरकार बेटी के त्याग से पिता को जीवनदान मिल गया। फिलहाल पिता परिवार के साथ गुरुग्राम में और पायल अपनी बड़ी बहन प्रिया के हिम्मतपुर तल्ला स्थित आवास में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। भावुक पिता ने कहा कि बेटी ने जो किया वो हर किसी के बस की बात नही है। मेरी बेटी पर मुझे नाज है, भगवान ऐसी साहसी और परवाह करने वाली बेटी सबको दें।
इधर, पिता के लिए लीवर डोनेट करने वाली साहसी बेटी पायल के हल्द्वानी अपनी बड़ी बहन प्रिया तिवारी के आवास पर पहुंचने पर एमबीपीजी कॉलेज से स्वैच्छिक सेवानिवृति ले चुके डॉ. संतोष मिश्र ने धर्मपत्नी गीता मिश्र के साथ स्वागत किया और मोमेंटो और पुस्तक भेंट की। डॉ. मिश्र ने कहा कि बेटी का यह कदम समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
