रामकथा पार्क में भीड़ नहीं जुटी तो स्कूली विद्यार्थियों को बैठाया
अमृत विचार, अयोध्या। आज यहां लता चौक के लोकार्पण के बाद रामकथा पार्क में अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई। प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे और पार्टी व संगठन के लोग बगलें झांकने लगे। फिर क्या था, रामकथा पार्क में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा सुनने के लिए आनन-फानन में अयोध्या नगर के दो इंटर …
अमृत विचार, अयोध्या। आज यहां लता चौक के लोकार्पण के बाद रामकथा पार्क में अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई। प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे और पार्टी व संगठन के लोग बगलें झांकने लगे। फिर क्या था, रामकथा पार्क में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा सुनने के लिए आनन-फानन में अयोध्या नगर के दो इंटर कॉलेज से बच्चे लाए गए। तब जाकर के रामकथा पार्क की दर्शक दीर्घा थोड़ा बहुत भरी नजर आई।
दरअसल लता चौराहे के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री की सभा रामकथा पार्क में पहले से निर्धारित थी। इस सब कार्यक्रम के लिए जिलाधिकारी ने पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। सभा के लिए भीड़ लाने का जिम्मा संगठन ने लिया था। इसके लिए प्रशासन की तरफ से उन्हें 2500 आमंत्रण कार्ड दे दिया गया था। वास्तव में आज के हालात को देखकर लगा ये कि संगठन ने भीड़ जुटाने की दिशा में जमीन पर कोई काम नहीं किए। सिर्फ सोशल मीडिया पर लोगों को आमंत्रित करने की इतिश्री कर ली। वरना अयोध्या महानगर से ही रामकथा पार्क भरने भर को भीड़ इकट्ठा करना बहुत मुश्किल भरा काम नहीं था।
बुधवार को इधर लता चौक का मुख्यमंत्री उद्घाटन कर रहे थे तो उधर रामकथा पार्क खाली पड़ा था। प्रशासन को सही सूझी जो आनन-फानन में अयोध्या नगर के दो इंटर कॉलेज से लगभग एक हजार छात्रों को रामकथा पार्क सभा स्थल लाया गया। तब जाकर सभा में भीड़ दिखाई पड़ी। वहीं नाम न छापने की शर्त पर भाजपा के एक पदाधिकारी का कहना था कि जब भी मुख्यमंत्री आते हैं तो इतनी बंदिशें लगा दी जाती है कि लोगों के दिमाग में रहता है कि आज अयोध्या की तरफ रुख नहीं करना है।
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