बांदा: महेश्वरी देवी मंदिर में जलाभिषेक को उमड़ रही महिलाओं की भीड़
बांदा, अमृत विचार। शारदीय नवरात्र पर नौ दिनों तक मां के नौ स्वरूपों की स्तुति का विधान है। मां का तीसरा स्वरूप चंद्रघंटा का है। मां चंद्रघंटा का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी माना जाता है। नवरात्र के तीसरे दिन मां की पूजा तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा के रूप में की जाती है। शहर …
बांदा, अमृत विचार। शारदीय नवरात्र पर नौ दिनों तक मां के नौ स्वरूपों की स्तुति का विधान है। मां का तीसरा स्वरूप चंद्रघंटा का है। मां चंद्रघंटा का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी माना जाता है। नवरात्र के तीसरे दिन मां की पूजा तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा के रूप में की जाती है।
शहर के महेश्वरी देवी मंदिर में ब्राह्मणों का एक बड़ा जत्था दुर्गा सप्तशती के नौ दिवसीय सस्वर पाठ में जुटा है। मंदिर में पौ फटने से पहले ही जलाभिषेक व दर्शनों के लिये जनसैलाब उमड़ रहा है। आरती के समय भी सैकड़ों की तादाद में भक्त अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। काली देवी मंदिर में भी भक्तों की सुबह से देर रात तक अपार भीड़ हो रही है।
यहां रात के समय नित्यप्रति होने वाली खप्पर आरती देखते ही बनती है। अतर्रा बांदा। सर्दी नवरात्रि के तीसरे दिन माता के भक्तों ने सुबह से ही पंडालों में पहुंचकर पूजा-अर्चना में जुटे रहे देर शाम माता की आरती उतारने के लिए पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ दिखी। कस्बे की प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गौरा बाबा धाम में भी दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
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