उप्र गलत उत्तर विवाद: सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती मामले में राज्य सरकार को मंगलवार को बड़ी राहत प्रदान करते हुए परीक्षा में गलत प्रश्नों के विवाद को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा प्रश्नपत्र को …
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती मामले में राज्य सरकार को मंगलवार को बड़ी राहत प्रदान करते हुए परीक्षा में गलत प्रश्नों के विवाद को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा प्रश्नपत्र को यूजीसी पैनल को न भेजने के निर्णय को चुनौती देने वाली ऋषभ मिश्रा की याचिका सुनने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील करने की सलाह दी। इससे पहले गत 24 जून को भी न्यायालय ने अमिता त्रिपाठी एवं अन्य की ऐसी ही याचिका सुनने से इनकार कर दिया था और उन्हें भी फिर से उच्च न्यायालय के समक्ष फरियाद रखने को कहा था।
दरअसल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने राज्य सरकार द्वारा आठ मई 2020 को घोषित परीक्षा परिणाम पर सवालिया निशान लगाते हुए कुछ प्रश्नों एवं उत्तर कुंजी पर भ्रम की स्थिति होने का हवाला देकर पूरी चयन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए प्रश्नपत्र की जांच के लिए यूजीसी पैनल को भेजने का आदेश दिया था, लेकिन दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने गत 12 जून को एकल पीठ के फैसले पर स्थगनादेश जारी किया था, जिसे शीर्ष अदालत में चुनौती दी गयी थी।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती मामला पिछले दो साल से अधर में लटका हुआ है, जिसके कारण हजारों अभ्यर्थियों के सरकारी नौकरी के सपनों पर ग्रहण लगा हुआ है।
