कानपुर: अरे यार आग नीचे लगी है ऊपर थोड़ी न, हल्के में लेना पड़ जाता भारी, जानिये क्या है मामला

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कानपुर, अमृत विचार। अरे यार आग नीचे लगी है ऊपर थोड़ी न आएगी…यह वह शब्द हैं जिसने गुरुवार को 16 बच्चों की जान को आफत में डाल दिया। नीचे धुंआ उठता रहा इसके बावजूद ग्लोबल कैरियर अकादमी में बच्चों की पढ़ाई जारी रही। जब सत्या सुजुकी के बाइक सर्विस सेंटर में उठी चिंगारी ने पूरी …

कानपुर, अमृत विचार। अरे यार आग नीचे लगी है ऊपर थोड़ी न आएगी…यह वह शब्द हैं जिसने गुरुवार को 16 बच्चों की जान को आफत में डाल दिया। नीचे धुंआ उठता रहा इसके बावजूद ग्लोबल कैरियर अकादमी में बच्चों की पढ़ाई जारी रही। जब सत्या सुजुकी के बाइक सर्विस सेंटर में उठी चिंगारी ने पूरी तिमंजिला भवन को आगोश में ले लिया, तब अकादमी के शिक्षकों ने खुद को फंसा पाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर शिक्षक और संचालक चाहते तो समय रहते बच्चों को आसानी से बिल्डिंग से बाहर निकाला जा सकता था। लेकिन लापरवाही की वजह से बच्चे आग के बीच में फंस गए। जिसके बाद खिड़की तोड़कर बच्चों और शिक्षकों ने मदद मांगनी शुरू किया। इस दौरान भवन में संचालित हो रहे अन्य प्रतिष्ठान के कर्मचारी बाहर आ गए थे।

चंद मिनटों में पहुंचे बड़े अधिकारी
आग लगने और बच्चों के फंसे होने की सूचना पर बर्रा, किदवई नगर, गोविंद नगर समेत कई थानों को फोर्स मौके पर पहुंच गया। इसी बीच डीएम विशाख जी अय्यर, पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड, अपर पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी, एडीसीपी दक्षिण समेत महापौर प्रमिला पांडेय भी पहुंच गईं। जिन्होंने बिल्डिंग में फंसे लोगों और बच्चों को रेस्क्यू कराया।

दो सिलेंडरों से करते रहे मशक्कत
पहली मंजिल में जस्ट डॉयल का ऑफिस है। वहां से कर्मचारी सूरज गौतम ने बताया कि शुरू में बाइक सर्विस सेंटर के गोडाउन से धुंआ निकल रहा था। जिसको देखकर वह ऑफिस में लगे पांच-पांच किलो के फायर एक्सटिंग्विशर (सिलेंडर) लेकर आग बुझाने पहुंचे। लेकिन आग लगातार बढ़ रही थी जिसके बाद कोसिश नाकाम रही। इस दौरान बिल्डिंग के लोगों ने करीब 16 मिनट बर्बाद कर दिए। जब आग का विकराल रूप हो गया तब जाकर करीब 10.13 मिनट पर दमकल विभाग को फोन किया। इसदौरान कई लोगों ने फायर और पुलिस को फोन मिलाए।

10 मिनट में आई पहली दो गाड़ियां
दमकल विभाग के टोल फ्री नंबर पर आग की गई सूचना पर फजलगंज मुख्यालय से दो गाड़ियां मौके पर पहुंची, और रेस्क्यू शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शी अजय बाजपेयी ने बताया कि करीब आग की सूचना के 10 मिनट बाद दो दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची जिसके बाद दो और गाड़ियां आग बुझाने पहुंची।

अवैध भवन में प्रतिबंधित हुक्काबार
बिना मानकों को पूरा कर बनाई गई बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर अवैध रूप से प्रतिबंधित हुक्का बार भी संचालित हो रहा था। आस-पास के लोगों के अनुसार हुक्का बार की जानकारी पुलिस को भी थी लेकिन फिर भी यूपी-78 के नाम से हुक्का बार चल रहा था। नाम न छापने पर एक कर्मचारी ने बताया कि हुक्का बार में युवक-युवतियों को नशा भी परोसा जा रहा था।

मम्मी बचा लो आग पूरी बिल्डिंग में लग गई है
चारों तरफ आग और धुंए के गुबार में फंसे छात्र-छात्राएं रो-रोकर बचा लो बचा लो की गुहार लगाने लगे। घबराए छात्र परिजनों को फोन कर रहे थे। दमकल के कर्मचारी बच्चों को दिलासा देते रहे। इसी बीच कई परिजन सूचना पर मौके पर पहुंच गए। सूझबूझ के साथ सभी फंसे बच्चों को रेस्क्यू किया गया। दो घंटे तक बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। बच्चों को फिलहाल किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, जैसे ही बच्चे बाहर निकले एहतियातन उन्हें अस्पताल जांच के लिए भेजा गया। जहां से घर भेज दिया गया।

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