PM modi ने वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, अहमदाबाद मेट्रो का किया उद्घाटन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर और मुंबई के बीच चलने वाली सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के नए और उन्नत संस्करण को शुक्रवार को हरी झंडी दिखायी और अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस पश्चिमी राज्य में 2022 के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री ने वंदे …

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर और मुंबई के बीच चलने वाली सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के नए और उन्नत संस्करण को शुक्रवार को हरी झंडी दिखायी और अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस पश्चिमी राज्य में 2022 के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री ने वंदे भारत ट्रेन और मेट्रो की सवारी भी की और कहा कि कहा कि देश के शहर ही भारत के भविष्य को आकार देंगे और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि वह अगले 25 सालों में एक विकसित राष्ट्र बने।

ये भी पढ़ें – SC Collegium, तीन High Court के chief justices की नियुक्ति की सिफारिश

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और उसमें उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने ट्रेन के लोकोमोटिव इंजन के नियंत्रण केंद्र का भी निरीक्षण किया। पीएमओ ने कहा, ‘‘सफर के दौरान प्रधानमंत्री ने रेल कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों, महिला उद्यमियों और अनुसंधानकर्ताओं और युवाओं सहित अपने सह-यात्रियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले श्रमिकों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के साथ भी बातचीत की।’’

प्रधानमंत्री के साथ इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी थे। महाराष्ट्र और गुजरात की राजधानियों को जोड़ती है यह ट्रेन वंदे भारत ट्रेनों की श्रृंखला में तीसरी ट्रेन है, जो देश में संचालित की गई हैं। इस श्रृंखला की पहली ट्रेन नयी दिल्ली और वाराणसी के बीच आरंभ की गई थी जबकि दूसरी ट्रेन नयी दिल्ली से माता वैष्णो देवी, कटरा के बीच शुरू हुई थी।

उन्होंने बताया कि यह ट्रेन यात्रियों को बेहतर और विमान यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करेगी तथा इसमें सुरक्षा के आधुनिक उपाय हैं जिसमें कवच प्रौद्योगिकी भी शामिल है। यह स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर-रोधी प्रणाली- कवच सहित अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक अक्टूबर से आम जनता के लिए शुरू होगी। रविवार को छोड़कर यह सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। मुंबई सेंट्रल स्टेशन से यह ट्रेन सुबह 6.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.30 बजे गांधीनगर पहुंचेगी।

गांधीनगर से यह ट्रेन अपराह्न 2.05 बजे रवाना होगी और रात 8.35 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। इस दौरान यह ट्रेन सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद स्टेशन पर रुकेगी। पीएमओ ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस एक ‘‘गेम चेंजर’’ साबित होगी और भारत के दो व्यापारिक केंद्रों के बीच संपर्क को बढ़ावा देगी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने थलतेज और वस्त्राल के बीच अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया और इसमें सफर भी किया। गुजरात मेट्रो रेल निगम (जीएमआरसी) ने एक बयान में कहा कि थलतेज और वस्त्राल के बीच 21 किलोमीटर लंबे इस गलियारे के बीच 17 स्टेशन हैं।

इस गलियारे में चार स्टेशनों के साथ 6.6 किमी का भूमिगत खंड भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4 मार्च 2019 को परियोजना के पहले चरण के एक हिस्से का उद्घाटन किया था। इस हिस्से में वस्त्राल से अपैरल पार्क के बीच 6.5 किलोमीटर की दूरी को मेट्रो से जोड़ा गया था। इस परियोना को 2014 में मंजूरी मिली थी। जीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो का किराया पांच रुपये से 15 रुपये के बीच होगा। इस परियोजना के दूसरे चरण के तहत राजधानी गांधीनगर को अहमदाबाद से जोड़ा जाएगा।

यह पहले चरण का विस्तार होगा। इस चरण में दो गलियारे होंगे, जिनमें मोटेरा स्टेडियम से महात्मा मंदिर के बीच 22.8 किलोमीटर का एक हिस्सा होगा। इसमें 20 स्टेशन होंगे। दूसरा हिस्सा 5.4 किलोमीटर का होगा जो नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को गिफ्ट सिटी से जोड़ेगा। इसमें दो स्टेशन होंगे। दूसरे चरण में पूरे मार्ग का विस्तार भी किया जाएगा। बाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश में ऐसे नए शहरों का निर्माण किया जा रहा है जो ‘‘ग्लोबल बिजनेस डिमांड’’ (वैश्विक व्यापार मांग) के अनुरूप हों।

इसके साथ ही पुराने शहरों में सुधार और उनके विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। गांधीनगर-अहमदाबाद की तर्ज पर देश में नगरद्वय विकसित किए जाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के भारत को देश के शहरों से नई गति मिलने वाली है। तेज विकास के लिए गति को महत्वपूर्ण कारक करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्बाध संपर्क के साथ ही परिवहन तंत्र आधुनिक भी होने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी के भारत को देश के शहरों से नई गति मिलने वाली है।

बदलते हुए समय और बदलती हुई जरूरतों के साथ अपने शहरों को भी निरंतर आधुनिक बनाना जरूरी है। इसलिए देश के शहरों में निवेश करने पर ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि यही अगले 25 सालों में भारत का विकसित राष्ट्र बनना सुनिश्चित करेगा।’’ उन्होंने कहा कि अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, भोपाल, इंदौर और जयपुर जैसे शहर भी अगले 25 सालों में भारत के भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि निवेश सिर्फ संपर्क बढ़ाने पर ही नहीं किया जा रहा है बल्कि दर्जनों शहरों में बेहतर सुविधाएं भी विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘शहर में परिवहन का तंत्र आधुनिक हो, निर्बाध संपर्क हो और यातायात का एक साधन दूसरे को सहयोग करे, यह किया जाना आवश्यक है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि नगरद्वय कैसे विकसित किए जाते हैं, इसका बेहतर उदाहरण गांधीनगर और अहमदाबाद हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में ऐसे नगरद्वय के निर्माण की बुनियाद रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नगरद्वय के रूप में न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी की अक्सर चर्चा होती है, ऐसे में भारत कैसे पीछे रह सकता है। मोदी ने कहा, ‘‘हमारे पास नगरद्वय के रूप में गांधीनगर-अहमदाबाद का मॉडल है।’’

उन्होंने कहा कि आणंद-नादियाड, भरूच-अंकलेश्वर, वलसाड-वापी, सूरत-नवसारी, वडोदरा-कलोल, मोरबी-वंकानेर, मेहसाधा-कड़ी जैसे नगरद्वय गुजरात की पहचान को और मजबूत करेंगे। उन्होंने आगे कहा, ‘‘पुराने शहरों में सुधार और उनके विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ ऐसे नए शहरों को भी तैयार किया जा रहा है, जो ग्लोबल बिजनेस डिमांड के अनुसार हों। गिफ्ट सिटी भी इस प्रकार के ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाओं वाले शहरों का बहुत उत्तम उदाहरण है।’’ मोदी ने केंद्र की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सड़कों पर जाम और ट्रेनों की गति बढ़ाने की दिशा में पहले गंभीर प्रयास नहीं किए।

ये भी पढ़ें – राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना, सरकार के खिलाफ खड़ा होने का एकमात्र विकल्प ‘भारत जोड़ो यात्रा’

संबंधित समाचार