पौड़ी: अंकिता हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी की पांच टीमें

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Edited By Amrit Vichar
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पौड़ी, अमृत विचार। पौड़ी की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय देने की मांग देवभूमि में जोर पकड़ रही है। इस बीच हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी ने पांच टीमें गठित की हैं। टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से तीन टीमें आरोपियों से अलग-अलग जगहों पर बयान दर्ज करेगी, वहीं दो टीमें …

पौड़ी, अमृत विचार। पौड़ी की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय देने की मांग देवभूमि में जोर पकड़ रही है। इस बीच हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी ने पांच टीमें गठित की हैं। टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से तीन टीमें आरोपियों से अलग-अलग जगहों पर बयान दर्ज करेगी, वहीं दो टीमें गवाहों के बयान दर्ज करेगी। इलेक्ट्रानिक साक्ष्य व वाट्सएप चैट की जांच के लिए एसटीएफ की मदद ली जा रही है।

बताते चलें कि अंकिता की हत्या के 13 दिन बाद भी पुलिस उस वीआईपी का पता नहीं लगा सकी है, जिसका जिक्र अंकिता ने वाट्सएप चैट में किया था। सूत्रों की मानें तो मामले में एक बड़े नेता के बेटे का हाथ सामने आ रहा है, जो कि घटना वाले दिन रिसार्ट में मौजूद था। कोटद्वार न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) भावना पांडे की अदालत ने तीनों आरोपियों की शुक्रवार से रविवार तक तीन दिन की पुलिस रिमांड को मंजूरी दी है। एसआईटी टीम ने जिला कारगार पौड़ी पहुंचकर आरोपियों को रिमांड पर लिया। अंकिता की हत्या के आरोपियों रिसार्ट स्वामी पुलकित आर्या, प्रबंधक सौरभ भाष्कर व सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता का रिमांड शुक्रवार सुबह से शुरू हो गया था, लेकिन एसआइटी को अंदेशा था कि आरोपियों को दिन में जेल से बाहर लाने में खतरा हो सकता है। ऐसे में टीम शाम करीब छह बजे जेल के अंदर पहुंची और आरोपियों को बाहर लेकर आई। दूसरी ओर पुलिस को ऋषिकेश की चीला नहर से एक मोबाइल भी बरामद हुआ है। अभी यह पता नहीं लग पाया है कि मोबाइल किसका है। मोबाइल फारेंसिक टीम को दिया गया है।

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