नैनीताल: इस बार दहन से पहले नगर भ्रमण करेगा रावण, पहली बार निकलेगी शोभायात्रा

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नैनीताल, अमृत विचार। सरोवर नगरी में इस बार दशहरे पर श्री राम सेवक सभा की ओर से रावण के पुतले को दहन से पूर्व नगर भ्रमण कराया जाएगा। सभा के उपाध्यक्ष मनोज जोशी ने बताया कि 1918 से पुतलों का निर्माण किया जा रहा है। इस बार रामलीला मंचन कर रहे बच्चों व कलाकारों द्वारा …

नैनीताल, अमृत विचार। सरोवर नगरी में इस बार दशहरे पर श्री राम सेवक सभा की ओर से रावण के पुतले को दहन से पूर्व नगर भ्रमण कराया जाएगा। सभा के उपाध्यक्ष मनोज जोशी ने बताया कि 1918 से पुतलों का निर्माण किया जा रहा है। इस बार रामलीला मंचन कर रहे बच्चों व कलाकारों द्वारा दस मुंह वाले रावण का अलग से पुतला तैयार किया गया है। जो पहली बार नगर भ्रमण पर निकलेगा।
श्री राम सेवक सभा के कार्यकर्ता प्रो. ललित तिवारी कहते हैं कि करीब 50 वर्ष पहले राम सेवक सभा की ओर से रावण का पुतला नगर भ्रमण पर निकाला गया था, उसके बाद यह प्रथा लुप्त हो गई। अब एक बार फिर से अल्मोड़ा की तर्ज पर यहां भी रावण के पुतले को नगर भ्रमण कराया जाएगा। हालांकि तल्लीताल में आयोजित होने वाली रामलीला समिति द्वारा हर वर्ष पुतले को माल रोड तक भ्रमण कराया जाता है। मंचन करने वाले प्रभात गंगोला के मार्गदर्शन में पुतला तैयार किया गया है। वह करीब 1980 से पुतला बना रहे हैं।

एक लाख 35 हजार की लागत से तैयार किए गए पुतले
श्री राम सेवक सभा की ओर से डीएसए मैदान में एक लाख 35 हजार रुपये की लागत से ठेके पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए गए हैं। साथ ही एक लाख की आतिशबाजी की जानी है। बरेली के कलाकारों ने पुतले तैयार किए हैं। इनमें रावण का पुतला करीब 45 फीट का होगा। वहीं मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले करीब 30 से 35 फीट तक के हैं। 64 वर्षीय रुप किशोर ने बताया कि उनकी टीम में छह लोग हैं, जिन्होंने 15 दिन में तीनों पुतले तैयार किए हैं। पुतले बनाने में रंगीन कागज, अखबार, सुतली, बांस, रद्दी, गत्ता, मेदा की लेई का प्रयोग किया गया है। बताया कि वह करीब 14 साल की उम्र से पुतले बनाने का काम कर रहे हैं। बताया कि तीन दिन में पुतलों के केवल मुंह तैयार किए गए हैं जो 6 से 8 फीट तक के हैं।

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