रुद्रपुर: चार दिन बाद भी धमकीबाज पर दर्ज नहीं हुई एफआईआर, इंटरार्क यूनियन ने उठाए सवाल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रुद्रपुर, अमृत विचार। इंटरार्क मजदूर संगठन ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष को गला काटकर जान से मारने की धमकी देने वाले के खिलाफ तहरीर देने के चार दिन बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। नाराज इंटरार्क यूनियन ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर किसका है दबाव है …

रुद्रपुर, अमृत विचार। इंटरार्क मजदूर संगठन ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष को गला काटकर जान से मारने की धमकी देने वाले के खिलाफ तहरीर देने के चार दिन बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। नाराज इंटरार्क यूनियन ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर किसका है दबाव है जो पुलिस प्रशासन इतनी बड़ी घटना पर भी एफआईआर दर्ज करने एवं कार्रवाई करने से कतरा रहा है, जबकि कंपनी प्रबंधन के इशारों पर अराजक तत्वों की तहरीर पर पुलिस द्वारा न्याय मांग रही महिलाओं व मजदूरों पर कई एफआईआर तत्काल दर्ज किए गए हैं।

धमकीबाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने से नाराज इंटरार्क मजदूर यूनियन से जुड़े मजदूर।

बताते चलें कि पांच अक्टूबर 2022 को इन्टरार्क मजदूर संगठन ऊधम सिंह नगर के अध्यक्ष दलजीत सिंह को एक अज्ञात फोन नंबर से फोन करके गर्दन काट कर जान से मार देने की धमकी दी गई थी। जिसकी लिखित तहरीर संबंधित पुलिस चौकी/थाने में उसी रात को दी गई थी।

दलजीत सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन का यह रवैया आश्चर्यचकित कर देने वाला है। आखिर कौन सा ऐसा दबाव है जो पुलिस को अपना काम करने से रोक रहे हैं। कौन से ऐसे लोग हैं जो ऐसे अव्यावहारिक, असामाजिक व आपराधिक कृत्य को अपना समर्थन दे रहे हैं। और गरीब व कमजोर के लिए आवाज उठाने वाले मजदूर नेता के पक्ष में कार्यवाही नहीं होने दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन को निश्चित ही इसका जवाब देना पड़ेगा। क्योंकि सामाजिक सुरक्षा और शांति के लिए पुलिस प्रशासन को स्थापित किया गया है। तहरीर में दलजीत सिंह द्वारा इंटरार्क कंपनी के मालिक एवं प्रबंधकों के ऊपर भी संदेह जाहिर कर आरोप लगाए गए हैं। वहीं इंटरार्क यूनियन ने दो टूक कहा है कि दोषियों के खिलाफ जब तक पुलिस कार्रवाई नहीं करती तब तक मजदूर चुप बैठने वाले नहीं हैं।

संबंधित समाचार