संभल : सन 2004 में 91.77 प्रतिशत मत लेकर दौड़ी थी मुलायम की साइकिल

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संभल,अमृत विचार। बदायूं जनपद की तहसील गुन्नौर विधानसभा से दो फरवरी 2004 को रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। मुलायम सिंह यादव ने 2004 में विधानसभा का चुनाव हुआ था। उस समय यहां से सपा प्रत्याशी राम खिलाड़ी सिंह यादव को उनके प्रतिद्वंदी जनता दल यूनाइटेड के अजीत कुमार उर्फ राजू ने हरा दिया …

संभल,अमृत विचार। बदायूं जनपद की तहसील गुन्नौर विधानसभा से दो फरवरी 2004 को रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। मुलायम सिंह यादव ने 2004 में विधानसभा का चुनाव हुआ था। उस समय यहां से सपा प्रत्याशी राम खिलाड़ी सिंह यादव को उनके प्रतिद्वंदी जनता दल यूनाइटेड के अजीत कुमार उर्फ राजू ने हरा दिया था।

विधानसभा में समाजवादी ने बहुमत हासिल किया था। उसके बाद मुलायम सिंह यादव गुन्नौर विधानसभा से चुनाव लड़े थे। जहां जनता दल यूनाइटेड के जीते विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू ने इस्तीफा दे दिया। फिर मुलायम सिंह यादव ने स्वयं उत्तर प्रदेश की दो विधान सभा बदायूं की गुन्नौर विधानसभा और इटावा की भरथना विधानसभा से अपना पर्चा दाखिल किया था। इनके सामने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी आरिफ अली और भाजपा के प्रत्याशी गुलफाम सिंह भी चुनाव मैदान में उतरे थे।

24 जनवरी 2004 रविवार को गुन्नौर विधानसभा में मतदान हुआ था। जहां का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया था। लेकिन उनके प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी गुलफाम सिंह और बीएसपी के प्रत्याशी आरिफ अली ने आरोप लगाया था की 107 बूथों पर बूथ कैप्चरिंग किया गया है। उसके बाद 25 फरवरी 2004 सोमवार को 107 बूथों पर दोबारा मतदान हुआ था। 28 फरवरी 2004 को मंडी समिति बदायूं में मतों की मतगणना की गई थी। जहां 1,95,213 मत मुलायम सिंह यादव को मिले थे। भाजपा प्रत्याशी गुलफाम सिंह यादव को 6,941 मत मिले थे। बीएसपी के प्रत्याशी आरिफ अली को 11,314 मत मिले थे। 1,83,899 मतों से अपने प्रतिद्वंद्वियों को मुलायम सिंह यादव ने हराया था। जहां का वोट प्रतिशत 91.77 प्रतिशत रहा था। अपने प्रतिद्वंद्वियों से 1,83,899 मत अधिक हासिल करके मुलायम सिंह यादव का नाम गिनीज बुक ऑफ इंडिया में दर्ज कराया था।

संभल से मुलायम सिंह यादव का रहा गहरा लगाव
संभल। मुलायम सिंह यादव का संभल जनपद से शुरुआत से ही गहरा लगाव रहा। इसी के चलते मुलायम सिंह यादव संभल से लोकसभा चुनाव लड़े और दो बार सांसद भी बने थे। अपने भाई रामगोपाल यादव को भी संभल से सांसद बनवाया था। जब मुलायम मुख्यमंत्री बने थे तो गुन्नौर से रिकॉर्ड मतों से जीते थे। मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री के दौरान संभल के असमोली विस क्षेत्र के कैला देवी पर जनसभाओं के दौरान यादव बिरादरी समाजवादी पार्टी के साथ रहा करती थी। वहीं संभल और असमोली के साथ गुन्नौर के लोग भी समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं। 2004 में गुन्नौर उपचुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बसपा के आरिफ अली को बड़े अंतर से हराया था। वर्ष 2007 में विधानसभा सीट गुन्नौर से मुलायम सिंह यादव ने आखिरी बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद मुलायम सिंह ने उत्तर प्रदेश में कहीं से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। संभल लोकसभा से दो बार सांसद और और दो बार गुन्नौर विधानसभा से विधायक रहे और एक बार रामगोपाल यादव संभल से सांसद रहे। हालांकि 2004 में मुलायम ने रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की थी, जिसका असर उस समय आसपास के जनपदों की सीटों पर भी पड़ा था। संभल हमेशा से समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता था। जिसके चलते मुलायम सिंह यादव सैफई के बाद संभल से ज्यादा लगाव रखते थे।

मुलायम सिंह का जिले में सफरनामा

  • संभल से लोकसभा और विधानसभा का चुनावी सफर
  • 1998 – सपा प्रत्याशी संभल लोकसभा से- 1,66,682 अधिक मत पाकर विजय हासिल की
  • मुलायम सिंह को मिले मत – 3,76,828
  • बीजेपी प्रत्याशी को मिले मत- 2,10,146 मत लेकर हारे
  • 1999 – सपा प्रत्याशी संभल मुलायम सिंह को मिले मत – 2,59,430 पाकर विजय प्राप्त की
  • बीजेपी प्रत्याशी को मिले मत – 1,43,596
  • अंतर 1,15,834 वोटो के अंतर से जीते मुलायम सिंह नेता जी।
  • वर्ष 2004 में विधान सभा गुन्नौर
  • 2004 में मुलायम सिंह ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर देश में रिकॉर्ड बनाया था।
  • टोटल मत के 91.77 प्रतिशत मत 1,95,213 वोट लेकर जीते थे।
  • बसपा के प्रत्याशी आरिफ को 11,314 वोट लेकर दूसरे नंबर रहे थे।
  • बीजेपी गुलफाम सिंह यादव को 6,941 वोट लेकर तीसरे नंबर रहे थे।
  • 2007 में नेता मुलायम सिंह यादव गुन्नौर विधानसभा चुनाव लड़े थे।
  • सपा के प्रत्याशी मुलायम सिंह को 54,686 वोट मिले और जीत हासिल की थी।
  • बसपा के प्रत्याशी आरिफ अली को 23,049 वोट मिले थे और दूसरे नंबर पर रहे।
  • मुलायम सिंह ने इस 31,647 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।

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