हल्द्वानी: बारिश की मार से किसान परेशान, मुआवजा मांगा
हल्द्वानी, अमृत विचार। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। जिले में कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मक्का, धान और सब्जियां मूसलाधार बारिश से बबार्द हो गई है। किसानों की खड़ी फसलें खेतों में पानी भरने से नष्ट हो …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। जिले में कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मक्का, धान और सब्जियां मूसलाधार बारिश से बबार्द हो गई है।
किसानों की खड़ी फसलें खेतों में पानी भरने से नष्ट हो गई। किसान अब सरकार से मांग कर रहे हैं कि खराब फसलों का सर्वे करवाकर उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा जारी करवाया जाए। बता दें भारी बारिश के कारण बेतालघाट, धारी, रामगढ़ और भीमताल में गोभी, बीन, धान, मडुवा, उड़द, भट्ट, गहत की फसलें खेतों में ही सड़ रही हैं।
किसानों का कहना है कि उनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। भारी बारिश के बीच भी फसल को बचाने में लगे रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग उठाई है। फिलहाल कृषि विभाग की ओर फसल को हुए नुकसान का आंकलन करवाया जा रहा है। एक-दो दिन में सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद जिले भर में बर्बाद हुई फसल की सही जानकारी मिल जाएगी।
पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश से हमारी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। अब इस बार खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है। पूरे सालभर मेहनत की, लेकिन अब फसल को काटने का समय आया तो बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया है। राज्य सरकार को हमारी दिक्कतों को देखते हुए तुरंत मुआवजा देना चाहिए।
-नरेंद्र मेहरा, गौलापार
खेतों में पानी भरने से भट्ट, गहत, उड़द समेत कई फसलों चौपट हो चुकी हैं, अब चिंता इस बार की सताने लगी है कि इस साल खाने-पीने का क्या होगा। बारिश की वजह से काफी नुकसान हो गया है। राज्य सरकार को क्षति का आंकलन करवाकर पीड़ित किसानों को मुआवजा देने के लिए काम करना चाहिए।
-अनिल पांडे, फत्ताबंगर
हमारी मेहनत पर इस बार पूरी तरह से पानी फिर गया है। पूरे सालभर इस बात को लेकर मेहनत की थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी तो कोरोनाकाल के बाद पैदा हुई समस्या से निजात मिलेगी, लेकिन इस बार बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। अब खाने-पीने का संकट गहराने लगा है।
-तारादत्त लोशाली, फत्ताबंगर
बारिश से कहां कितनी फसल नष्ट हुई है। इसके लिए सर्वे करवाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में बारिश से फसल नष्ट होने की शिकायत मिली है। फिलहाल राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आंकलन करने में जुटी है। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
– पीके सिंह, प्रभारी संयुक्त कृषि निदेशक, कुमाऊं मंडल
