खटीमा: खेत से धान की फसल काटकर ले जाने का आरोप
खटीमा, अमृत विचार। जनजाति कृषकों द्वारा गैर जनजाति कृषक पूर्व सैनिक की जबरन धान की फसल काटे जाने के विरोध में पूर्व सैनिकों ने तहसील में प्रदर्शन कर रोष जताया। साथ ही एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। खरीदी गई भूमि पर मालिकाना हक देने की मांग की है। गुरुवार …
खटीमा, अमृत विचार। जनजाति कृषकों द्वारा गैर जनजाति कृषक पूर्व सैनिक की जबरन धान की फसल काटे जाने के विरोध में पूर्व सैनिकों ने तहसील में प्रदर्शन कर रोष जताया। साथ ही एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। खरीदी गई भूमि पर मालिकाना हक देने की मांग की है।
गुरुवार को पूर्व सैनिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में कहा कि खटीमा, नानकमत्ता व सितारगंज तहसील में गैर जनजाति के कृषकों द्वारा जनजाति के कृषकों से स्टांप पेपर के माध्यम से दशकों पूर्व से जमीन ली थी। बताया कि भूमि को ग्राम तिगरी भुड़ाई निवासी गैर जनजाति कृषक हरी सिंह ने ग्राम भुड़िया थारू निवासी कैलाश भट्ट से खरीदी।
आरोप है कि खेत से 30-35 महिलाएं 12 अक्टूबर को धान की फसल काटकर ले गई। उक्त भूमि बेचने पर भी कागजात में पूर्व के ही नाम हैं। जिसका वाद न्यायालय में विचाराधीन है। पूर्व सैनिकों ने फसल काटकर ले जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई, भूमि का मालिकाना हक दिलाए जाने, खटीमा को जनजाति क्षेत्र घोषित करने की भी मांग की है। समस्या का हल न होने पर जन आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस दौरान पूर्व सैनिक संगठन के कुंवर सिंह खनका, भूपेंद्र सिंह खोलिया, गौरव सेनानी के कैप्टन गंभीर सिंह धामी, धन बहादुर चंद, दिवान सिंह कन्याल, नरेंद्र सिंह सेठी, कैलाश जोशी, कैप्टन पुष्कर सिंह बिष्ट, ठाकुर सिंह खाती, भूपाल सिंह कार्की आदि मौजूद थे।
