शाहजहांपुर: कीलापुर में करोड़ों की लागत से बने तटबंध में हो रहा कटान

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शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले के थाना मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा का उग्र रूख बरकरार है। नदी लगातार कहर बरपा रही है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में कटान के साथ बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। कीलापुर में करोड़ों की लागत से बने तटबंध में जगह-जगह दर्रे हो गए हैं। जिससे तटबंध को खतरा पैदा हो …

शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले के थाना मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा का उग्र रूख बरकरार है। नदी लगातार कहर बरपा रही है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में कटान के साथ बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। कीलापुर में करोड़ों की लागत से बने तटबंध में जगह-जगह दर्रे हो गए हैं। जिससे तटबंध को खतरा पैदा हो गया है।

रामगंगा क्षेत्र में लगातार तबाही मचा रही है। कुनिया , पहरूआ, हरिहरपुर, अतरी, अटा, अतरी , बीघापुर समेत दर्जनों गांवों की सैकड़ों बीघा फसल बाढ़ के पानी के जलमग्न हो गई है। ग्रामीण लगातार अपने खेतो को खाली करने मे जुटे है। लेकिन रामगंगा उनका पीछा नही छोड़ रही है और बाढ़ का पानी तेज गति से बढ़ता चला जा रहा है। स्टेट हाईवे पर जरियनपुर तिराहे से पहले पुलिया के नीचे से बाढ़ का पानी गुजरने लगा है। कोलाघाट पुल से चारो तरफ जल सैलाब ही दिखाई पड़ रहा है।

कीलापुर करोड़ों की लागत से बने तटबंध में जगह जगह दर्रे हो गए हैं। जिससे तटबंध को खतरा पैदा हो गया है। तटबंध के पास तेज गति से कटान हो रहा है। प्रशासन द्वारा अभी तक ग्रामीणों को कीलापुर में नाव तक उपलब्ध नही है। जिस कारण ग्रामीण रोजाना फूटी नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर है।

तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि शुक्रवार तक हालात पर कंट्रोल होने की संभावना है। कीलापुर में नाव व तटबंध की समस्या को जल्द दिखवाऊंगा।

नाव से चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियां लाते ग्रामीण
नाव से चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियां लाते ग्रामीण

रामगंगा से रंगेश्वर महादेव व शिव मंदिर को खतरा
रामगंगा मिर्जापुर के दो प्रसिद्व देव स्थानों को चपेट में लेने को तुली हुई है। पहरूआ स्थित रंगेश्वर महादेव मन्दिर तथा मौजमपुर के शिव मन्दिर दोनों रामगंगा के निशाने पर है। ग्रामीणो ने दोनों मन्दिरों को बचाने के लिए प्रशासन से प्रयास शुरू करने की मांग की है।

पहाड़पुर में रामगंगा नदी में जियो ट्यूब से लगा बांध ध्वस्त हो जाने के बाद चैन की नींद सो रहे कुनिया, पहरूआ, मौजमपुर, हरिहरपुर, अतरी आदि गांव के बाशिंदों की नींद उड़ गई है। मौजमपुर निवासी रेवेन्द्र कुमार , राहुत , तिरमल कठेरिया व पहरूआ निवासी अशोक सिंह, ओमेन्द्र कुमार आदि ने मन्दिरों को बचाने के लिए प्रशासन स्तर से प्रयास शुरू करने की मांग की है।

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