नैनीताल: पुलिस अभिरक्षा से फरार कैदी का क्षत-विक्षत शव बरामद
नैनीताल। उत्तराखंड में नैनीताल स्थित ज्योलिकोट से एक सप्ताह पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए कैदी का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ है। शव घने जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला। आरोपी उप्र के मुरादाबाद का रहने वाला था और काशीपुर में उस पर संगीन धाराओं में अभियोग दर्ज था। पुलिस आवश्यक कार्यवाही में …
नैनीताल। उत्तराखंड में नैनीताल स्थित ज्योलिकोट से एक सप्ताह पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए कैदी का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ है। शव घने जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला। आरोपी उप्र के मुरादाबाद का रहने वाला था और काशीपुर में उस पर संगीन धाराओं में अभियोग दर्ज था। पुलिस आवश्यक कार्यवाही में जुट गयी है।
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुनील कुमार मीणा ने बताया कि आरोपी भागेश कुमार पुत्र राजपाल सिंह सात जुलाई को ऊधमसिंह नगर पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो गया था। उसे रिमांड के बाद नैनीताल जेल लाया जा रहा था। हल्द्वानी और नैनीताल के बीच ज्योलिकोट के पास पुलिस वाहन से आरोपी मय हथकड़ी फरार हो गया था।
कैदी राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे गधेरे को पार कर घने जंगल में भाग गया था। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। कई दिनों तक जंगल की खाक छानने के बाद भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। सुनील कुमार मीणा ने आगे बताया कि आज सुबह कैदी का शव जंगल से बरामद हुआ है। शव एक पेड़ में लटका हुआ मिला। ऐसा माना जा रहा है कि उसने आत्महत्या कर ली।
पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय थापा ने बताया कि नदी में नहाने जा रहे गांवों के बच्चों ने शव को पेड़ से लटका हुआ देखा। गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी है। विजय थापा ने आगे बताया कि तहसीलदार की निगरानी में शव को पेड़ से नीचे उतारा गया है और पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये नैनीताल भेजा गया है। ऊधमसिंह नगर की पुलिस को सूचना दे दी गयी है।
बताया जाता है कि आरोपी मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के नया गांव का रहने वाला था और उस पर काशीपुर में बाल यौन संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के अलावा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 339/20, 363, 366 का मामला विचाराधीन था।
उल्लेखनीय है कि घटना के दिन काशीपुर पुलिस रिमांड के बाद उसे नैनीताल कारागार में बंद करने के लिये ले जा रही थी। कोविड-19 के चलते सभी नये कैदियों को नैनीताल जेल में रखा जा रहा है। नैनीताल जेल के सभी पुराने कैदियों को हल्द्वानी स्थानांतरित कर दिया गया है।
