हमीरपुर: अन्ना मवेशियों ने नष्ट की सैकड़ों बीघे में लगी मूंगफली की फसल
हमीरपुर, अमृत विचार। बुंदेलखंड के किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की सबसे बड़ी समस्या है। जबकि हजारों करोड़ खर्च कर सरकार ने अन्ना गोवंश के लिए आश्रय बनवाए हैं, लेकिन बावजूद इसके हर गांव-कस्बा में सैकड़ों मवेशी आज भी अन्ना घूम रहे हैं। किसान थोड़ा सा भी देखरेख में चूक जाए तो सब खत्म हो …
हमीरपुर, अमृत विचार। बुंदेलखंड के किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की सबसे बड़ी समस्या है। जबकि हजारों करोड़ खर्च कर सरकार ने अन्ना गोवंश के लिए आश्रय बनवाए हैं, लेकिन बावजूद इसके हर गांव-कस्बा में सैकड़ों मवेशी आज भी अन्ना घूम रहे हैं। किसान थोड़ा सा भी देखरेख में चूक जाए तो सब खत्म हो जाता है।
ऐसा ही मामला क्षेत्र के महेरा गांव से सामने आया है, जहां बीती रात अन्ना मवेशियों ने अलग-अलग किसानों की सैकड़ों बीघे में बोई गई मूंगफली की फसल चट कर डाली। फसल नष्ट करने में ज्यादातर अन्ना जानवर हैं। महेरा निवासी भरत कुमार ने बताया उसने छह बीघे में मूंगफली बोई थी और वीर सिंह ने भी पांच बीघे में बोई थी। कुलदीप ने भी इतने में भी बोई थी।

इसी प्रकार अमित कुमार, महिला रज्जा समेत दर्जनों किसानों ने मूंगफली की फसल बोई थी, जिसे अन्ना मवेशियों चर डाला। किसानों का कहना है कि गांव में एक सैकड़ा से अधिक अन्ना गौवंश घूम रहे हैं जो लगातार फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। बताया कि जब जानवरों को गौशाला में बंद करने के लिए ले जाया जाता है तो चौकीदार उन्हें भगा देता है।
ग्राम प्रधान गौशाला में नो इंट्री लगाए है। किसानों ने अपना दर्द सुनाते हुए कहा कि इस फसल से उन्हें बहुत उम्मीदें थीं, कि घर का कुछ खर्च चलेगा और आगे आने वाली रबी की फसल बुवाई में कुछ मदद मिलेगी। लेकिन अन्ना जानवरों ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों ने कहा अन्ना मवेशियों को गौशाला में बंद करवाने की अपील की है। साथ ही अन्ना मवेशियों से नष्ट फसलों का सर्वे कराकर मुवावजा देने की भी मांग की है।
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