बरेली: दिवाली को लेकर गुलजार हुए बाजार, जमकर हो रही खील-खिलौनों की खरीदारी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। दिवाली का पर्व कहने को रोशनी का पर्व है। इस पर्व पर भगवान लक्ष्मी गणेश जी की पूजा होती है। जिसमें लंबे समय से चीनी के बने खिलौने और धान के बनी खील का पूजा में विशेष महत्व है। जिसको लेकर बाजार में खील-खिलौने, बताशे और परमल व चूड़े की दुकाने सज …

बरेली, अमृत विचार। दिवाली का पर्व कहने को रोशनी का पर्व है। इस पर्व पर भगवान लक्ष्मी गणेश जी की पूजा होती है। जिसमें लंबे समय से चीनी के बने खिलौने और धान के बनी खील का पूजा में विशेष महत्व है। जिसको लेकर बाजार में खील-खिलौने, बताशे और परमल व चूड़े की दुकाने सज गई है।

ये भी पढ़ें- बरेली: पंजाबी महासभा महिला यूनिट ने धूमधाम से मनाया दिवाली का रंगारंग कार्यक्रम

अभी दिवाली के पर्व में कुछ ही दिन शेष रह गए है। लेकिन अभी से बाजार में इसको लेकर रौनक देखने लायक है। लोग जमकर पूजा से संबधित सामग्री खरीद रहे है। लंबे समय से पूजा में उपयोग किए जाने के लिए बताशे से लेकर खिल-खिलौनों, चूड़ा परमल लोग अभी से खरीद रहे है।

इस बारे में आलमगिरी गंज में लंबे समय से खिल-खिलौनों की दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने बताया दिवाली पर भगवान गौरीनंदन श्री गणेश व धन व वैभव की देवी माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।जिसमें खिल-खिलौने, बताशे, चूड़ा व परमल को पूजा के दौरान भोग के रूप में चढ़ाया जाता है। जिस कारण ग्राहक अभी भी अन्य मिष्ठान के साथ-साथ इसको भी खरीद रहे हैं।

ये भी पढ़ें- बरेली: तालाब में डूबने से दिव्यांग की मौत, परिवार में मचा कोहराम

संबंधित समाचार