हल्द्वानी: बारूद के ढेर पर बाजार, खतरा बना पटाखों का कारोबार

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हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर का मुख्य बाजार बारूद के ढेर पर है। गलती की एक चिंगारी न सिर्फ पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले सकती है बल्कि आसपास मौजूद हजारों की आबादी की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। बाजार इन दिनों दीपावली की खरीदारी करने वालों से गुलजार हैं। ऐसे में ये …

हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर का मुख्य बाजार बारूद के ढेर पर है। गलती की एक चिंगारी न सिर्फ पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले सकती है बल्कि आसपास मौजूद हजारों की आबादी की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। बाजार इन दिनों दीपावली की खरीदारी करने वालों से गुलजार हैं। ऐसे में ये पटाखा गोदाम बड़ा खतरा बने हुए हैं। अग्निशमन विभाग बाजार में मौजूद इन गोदामों पर आपत्ति जता चुका है।

नियमों के अनुसार पटाखों की दुकानें आबादी के बीच नहीं लग सकती हैं लेकिन शहर के बीच बाजार पटाखा गोदाम मौजूद हैं। पटाखा दुकानदार इन्हीं गोदामों से पटाखे खरीद कर ले जाते हैं। एक-एक गोदाम में लाखों रुपये के पटाखों से भरे पड़े हैं और ऐसे 11 गोदाम शहर के मुख्य बाजार के बीच मौजूद है। इससे हर वक्त खतरा बना रहता है। कुछ गोदाम तो बाजार की ऐसी संकरी गलियों में हैं, जहां आग लगे तो बुझाना भी आसान नहीं होगा।

जिलाधिकारी के आदेश पर अग्निशमन विभाग ने शहर में ऐसे गोदामों की पड़ताल शुरू की तो बाजार में ही 11 पटाखा गोदाम ऐसे मिले, जो बेहद घनी आबादी के बीच हैं और बड़ा खतरा हैं। ऐसे दो गोदाम तो मंगलपड़ाव में हैं और दो किला बाजार में। कुल 11 गोदामों की पड़ताल के बाद जो नतीजे आए, अग्निशमन विभाग ने उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब इन गोदामों पर अगली कार्रवाई प्रशासन करेगा।

ये हैं मुख्य बाजार में स्थाई आतिशबाजी गोदाम
1. मंगलपड़ाव में अजय गुप्ता का आतिशबाजी गोदाम
2. मंगलपड़ाव में मोहन लाल गुप्ता का आतिशबाजी गोदाम
3. सदर बाजार में राकेश कुमार का आतिशबाजी गोदाम
4. कालाढूंगी चौराहे पर संजय कुमार कश्यप का आतिशबाजी गोदाम
5. किला बाजार में विपिन कुमार देवबंशी का आतिशबाजी गोदाम
6. मुनगली गार्डेन में आलोक कुमार का आतिशबाजी गोदाम
7. कारखाना बाजार में पंकज कुमार का आतिशबाजी गोदाम
8. किला बाजार में संजय कुमार का आतिशबाजी गोदाम
9. पंत मार्केट में अनूप कुमार का आतिशबाजी गोदाम
10. सदर बाजार में हरिशंकर का आतिशबाजी गोदाम
11. कारखाना बाजार में नीरज कुमार का आतिशबाजी गोदाम

पड़ताल में दुकानें तो मिलीं, लेकिन…
बीती 11 अक्टूबर को अग्निशमन अधिकारी ने बाजार में मौजूद पटाखा दुकानों का निरीक्षण किया था और रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी थी। इस मामले में अमृत विचार की टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की, लेकिन पटाखों का खुला गोदाम नहीं मिला। बल्कि इन स्थानों पर अन्य सामान की दुकानें मिलीं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि गोदामों को प्रशासन की नजर से छिपा दिया गया है।

अफसरों की मनमानी से हो रही सरकार की किरकिरी : जोशी
हल्द्वानी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक पंडित मदन मोहन जोशी पिछले कई सालों से रामलीला मैदान में लगने वाले पटाखा बाजार का विरोध करते आ रहे हैं और अब हाईकोर्ट ने रामलीला मैदान में पटाखा बाजार पर रोक लगा दी है। मदन मोहन जोशी का कहना है कि हल्द्वानी बचाओ संघर्ष समिति हाईकोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करती हैं और ये निर्णय प्रशासन की मनमानी व जनता की जान माल से किये जा रहे खिलवाड़ पर करारा तमाचा हैं। प्रशासन द्बारा बार बार इस प्रकार की मनमानी से सरकार की भी किरकिरी हो रही है।

प्रशासन के आदेश पर हमारी टीम ने शहर में मौजूद पटाखा गोदामों का निरीक्षण किया गया था, जिसमें 11 गोदाम सघन आबादी के बीच पाए गए। हमने इन सभी की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। कुछ गोदामों का आबादी से बाहर भी कर दिया गया है और इनकी सूचना भी प्रशासन को दे दी गई है। – गोविंद राम आर्या, एफएसओ

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