हल्द्वानी: दिवाली बाद नहीं शुरू होगा गौला नदी में खनन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में दिवाली के बाद भी खनन शुरू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। डंपर स्वामी रॉयल्टी कम करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर अड़ गए हैं उन्होंने स्पष्ट किया है  जब तक रॉयल्टी कम नहीं होगी वे खनन नहीं करेंगे। गौला नदी में 7,450 वाहन खनन के लिए पंजीकृत …

हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में दिवाली के बाद भी खनन शुरू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। डंपर स्वामी रॉयल्टी कम करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर अड़ गए हैं उन्होंने स्पष्ट किया है  जब तक रॉयल्टी कम नहीं होगी वे खनन नहीं करेंगे।

गौला नदी में 7,450 वाहन खनन के लिए पंजीकृत हैं। इस बार वाहन स्वामी विभिन्न मांगों का लेकर अड़ गए। वाहन स्वामियों का कहना है कि नदी से निकलने वाले आरबीएम और निजी नाप भूमि, समतलीकरण की आड़ से निकलने वाले आरबीएम की रॉयल्टी में तीन गुने का अंतर है। ऐसे  में स्टोन क्रशर्स नदी के बजाय निजी नाप की भूमि के माल को तरजीह देते हैं और उनक सामने संकट है।

वहीं दूसरी तरफ परिवहन विभाग ने ग्रीन टैक्स को दस गुना बढ़ा दिया है। पहले 1440 रुपये फिटनेस शुल्क था इस बार ग्रीन टैक्स की आड़ में इसे 10 गुना बढ़ाकर 14,400 रुपये कर दिया है। इसके अलावा आरटीओ विभाग की ओर से जीपीएस 7,500 रुपये में लगाया जा रहा है यही जीपीएस सिस्टम बाजार में 1850 रुपये में लग रहा है इस तरह नदी में उतरने से पहले ही वाहन स्वामियों को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान है। वहीं, नदी में खनन के लिए उतरने के बाद इस बाद की भी गारंटी नहीं है कि स्टोन क्रशर्स वाले माल खरीदेंगे।

ऐसे में सभी डंपर स्वामियों ने साफ कर दिया है कि जब तक एक प्रदेश एक रॉयल्टी सिस्टम लागू नहीं होता है तब तक वे नदी में खनन के लिए नहीं उतरेंगे। बता दे कि हाई कोर्ट ने समतलीकरण पर रोक लगा दी थी इसके बाद वन विभाग और वन विकास निगम के अधिकारी मान रहे थे कि  दिवाली के बाद गौला नदी में खनन  होगा, इसी के मद्देनजर दोनों विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन ऐसे में आसार नहीं दिख रहे हैं।

जब तक प्रदेश सरकार एक प्रदेश एक रॉयल्टी का नियम नहीं बनाती है तब तक डंपर स्वामी गौला नदी में खनन के लिए नवीनीकरण फॉर्म नहीं खरीदेंगे। – पम्मी सैफी, अध्यक्ष गौला खनन संघर्ष समिति

 

 

 

 

संबंधित समाचार