बाराबंकी में धूमधाम से मना भाई दूज, चित्रगुप्त जयंती पर की गई कलम पूजा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी। गुरुवार को यम द्वितिया, भाई दूज और चित्रगुप्त जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने नदियों में स्नान कर भगवान यम की पूजा की। बहनों ने घर घर में पूजा कर भाइयों को तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र की कामना की। नगर के चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ समाज …

बाराबंकी। गुरुवार को यम द्वितिया, भाई दूज और चित्रगुप्त जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने नदियों में स्नान कर भगवान यम की पूजा की। बहनों ने घर घर में पूजा कर भाइयों को तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र की कामना की। नगर के चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ समाज के लोगों का दर्शन पूजन के लिए तांता लगा रहा। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने धनोखर सरोवर के निकट भव्य चित्रगुप्त मंदिर बनाने की घोषणा की।

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने बताया की धनोखर हनुमान मंदिर स्थित सरोवर के निकट एक नए भगवान चित्रगुप्त मंदिर का शुभारंभ हो गया है। कार्य प्रगति पर है, अगले वर्ष कलम दवात की पूजा का आयोजन वहां पर भी किया जायेगा। मंदिर बन जाने के बाद कायस्थ परिवार वहां जाकर अपने परिवार में होने वाले घरेलू मांगलिक कार्यक्रम संपन्न करा सकेंगे। टैक्स बार एडवोकेट आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त मंदिर के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी के चयन के लिए आगामी 30 अक्टूबर रविवार को नगर परिषद अध्यक्ष के आवास पर बैठक होगी।

इससे पूर्व कलम दवात पूजा हवन मंत्रो के साथ संपन्न हुई। पूजा में प्रमुख रूप से आलोक श्रीवास्तव, डा नवनीत प्रकाश श्रीवास्तव, रचना श्रीवास्तव, विकास राज श्रीवास्तव, राम लखन श्रीवास्तव, मनमीत श्रीवास्तव, शिक्षक आलोक श्रीवास्तव, गिरीश श्रीवास्तव, हरिहर श्रीवास्तव, निखिल निगम, लालता प्रसाद श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, अवधेश श्रीवास्तव, विष्णु श्रीवास्तव, आंसू श्रीवास्तव, नितेश निगम, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, कमलेश श्रीवास्तव, सुशील श्री, राजेश श्रीवास्तव, अखिलेश व अभिषेक श्रीवास्तव आदि शामिल थे।

भाई दूज पर बहनों के लिए खोले गए जेल के द्वार
भाई दूज के अवसर पर बहनें अपने भाइयों से मिलकर उन्हें टीका कर सकें इसके लिए जेल प्रशासन ने खासतौर पर इजाजत दी थी। कारागार में बंद भाइयों और बहनों से मिलकर लोगों के आंसू छलक पड़े। घर पर पूजा के पश्चात जहां जेल में बंद भाइयों को टीका करने के लिए बहने जिला कारागार पहुंच गई थी। वही वे लोग भी टीका कराने जिला कारागार पहुंचे थे जिनकी बहनें जिला कारागार में बंद है।

कारागार प्रशासन ने जेल में बंद बहनों के लिए पूजा करने के प्रबंध भी जिला कारागार में ही किए थे। विधि विधान के साथ यहां बंद बहनों ने पूजा अर्चना की। इनके लिए मिठाई आदि के प्रबंध एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से ही कराए गए थे। इस अवसर पर अपने भाइयों को टीका करने के लिए 300 महिलाएं तथा बहनों से टीका करवाने के लिए 20 पुरुष कारागार पहुंचे थे।

घर घर में मना भाई दूज
यम द्वितिया के अवसर पर घर घर में भाई दूज का त्यौहार मनाया गया। बहनों ने अपने अपने भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस अवसर पर तिलक कराने के बाद भाइयों ने जहां बहनों को रक्षा का वचन दिया वहीं उन्हें उपहार भी दिए। इस अवसर पर मिठाई आभूषण व अन्य दुकानों पर खरीद फरोख्त करने वालों की भीड़ लगी रही। गांव कस्बों में भी भाई दूज त्यौहार की धूम रही। शादीशुदा बहन ने अपने मायके भाइयों को तिलक करने के लिए पहुंचीं।

यह भी पढ़ें:-बरेली: धूमधाम से मनाया जा रहा भाई दूज का पर्व, वाहनों के इंतजार में खड़े दिखे यात्री

संबंधित समाचार