लखनऊ: मौलाना सायम मेहदी दूसरी बार बने ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के शिया पीजी कॉलेज में आज ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक हुई। इस बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सायम मेहदी और महासचिव यासूब अब्बास बोर्ड के अलावा सभी कार्यकारिणी सदस्य भी मौजूद रहे। इस दौरान शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष का भी चयन हुआ और …
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के शिया पीजी कॉलेज में आज ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक हुई। इस बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सायम मेहदी और महासचिव यासूब अब्बास बोर्ड के अलावा सभी कार्यकारिणी सदस्य भी मौजूद रहे। इस दौरान शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष का भी चयन हुआ और मौलाना सायम मेहदी को फिर से बोर्ड का अध्यक्ष चुना गया। बता दें कि शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का अधिवेशन इस वर्ष 18 दिसम्बर 2022 को मुम्बई में आयोजित होगा। जिसमें देश भर के उलेमा व बुद्धजीवी शिरकत करेंगे।
वहीं अधिवेशन से पहले बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जिसके लिए अध्यक्ष पद का दोबारा चुनाव होना है। बैठक में बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने सदस्यों के सामने मौलाना सायम मेहदी का नाम समक्ष रखा। इसके बाद उपस्थिति सभी सदस्यों ने एकमत के साथ मौलाना सायम मेहदी को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष चुना।
बैठक के बाद बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि बोर्ड कॉमन सिविल कोड का विरोध करता है। कॉमन सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण के बजाय शिक्षा और रोजगार पर बात होनी चाहिए, जो हर भारतीय का अधिकार है। वहीं उन्होंने गुजरात में कॉमन सिविल कोड के लागू करने की तैयारी का भी विरोध किया है। इसके अलावा उन्होने कहा कि देश की आजादी में मदरसा अरबिया का बहुत बड़ा योगदान है, इसलिए इसे बदनाम नही करना चाहिए।
अमृत विचार से ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सायम मेहदी ने बातचीत करते हुए बताया कि 14 नवम्बर को सऊदी अरब के प्रिंस शाह सलमान भारत यात्रा पर आ रहे है। जिसका हम पूरी तरह से विरोध करेंगे। क्योंकि सऊदी अरब में मोहम्मद साहब की इकलौती बेटी और उनके बेटों की कब्रों पर अभी तक कोई छत नही बनी है और ना ही हमे बनाने की इजाजत दे रहे हैं। वहीं इस विषय को लेकर शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि हमने पत्र में प्रधानमन्त्री से हस्तक्षेप की गुजारिश की है कि वह अपने प्रभावों का इस्तेमाल करते हुए सऊदी सरकार पर दबाव बनाये कि वहां रौज़ों का निर्माण करें या भारत के शिया मुसलमानों को निर्माण करने की इजाजत दे। इसके अलावा उन्होंने हिजाब और मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
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