गुजरात चुनाव की तारीखों में देरी! विपक्ष के सवाल का EC ने दिया जवाब, ओवैसी ने किया स्वागत
नई दिल्ली। गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में, एक और पांच दिसंबर को मतदान होगा और मतों की गिनती हिमाचल प्रदेश के साथ ही आठ दिसंबर को होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को यह घोषणा की। गुजरात की कुल 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण …
नई दिल्ली। गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में, एक और पांच दिसंबर को मतदान होगा और मतों की गिनती हिमाचल प्रदेश के साथ ही आठ दिसंबर को होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को यह घोषणा की। गुजरात की कुल 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण में 89 सीटों पर और दूसरे चरण में 93 सीटों पर मतदान होगा। इस संवाददाता सम्मेलन में निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय और आयोग के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे। आयोग ने 14 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी लेकिन उसने गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं की।
राजीव कुमार ने गुजरात चुनाव की घोषणा में देरी करने में पक्षपात की विपक्ष की आलोचना को भी दरकिनार करते हुए दलील दी कि आयोग को मौसम, विधानसभा के कार्यकाल की अंतिम तिथि और आदर्श आचार संहिता लागू होने के दिन सहित कई चीजों में संतुलन बिठाना होता है। उन्होंने कहा कि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी 2023 को समाप्त हो रहा है और चुनावों की घोषणा 110 दिन पहले की गई है। उन्होंने कहा, यह कई कारकों का संयोजन है और इन्हीं सब को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। इन कारकों में आस-पास के राज्यों के चुनाव भी शामिल हैं।
राजीव कुमार ने संकेत दिया कि चुनावों की घोषणा कुछ दिन पहले की जा सकती थी लेकिन मोरबी में हुए हादसे को ध्यान में रखते हुए नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा, हमें राज्य में हुए हादसे को भी ध्यान में रखना पड़ा। देरी में वह भी एक कारक रहा। बुधवार को तो गुजरात में राजकीय शोक था। इसलिए इसमें बहुत सारे कारक हैं।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सीईसी ने कहा, ‘कई बार चुनाव नतीजों से पता चला है कि जो लोग आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हें चौंकाने वाले नतीजे मिले हैं। चुनाव शुरू होने से पहले हमारे पास कई बार ईवीएम को लेकर लंबी-लंबी चिट्ठियां आती हैं, लेकिन वही मशीनें कई बार चुनाव के नतीजों में उन दलों को जिता देती हैं, जो शिकायत करते हैं। कई बार चुनाव से पहले निगेटिव माहौल बनाया जाता है। क्रिकेट मैच में हार के बाद कई बार टीमें अंपायर को दोष देती हैं, लेकिन यहां तो कोई थर्ड अंपायर नहीं है। यहां सबसे बड़ा अंपायर तो नतीजा ही है।’
चुनाव आयोग का धन्यवाद कि उन्होंने BJP के दबाव के बावजूद चुनाव की घोषणा कर दी है।
चुनाव आयोग को यह बताना चाहिए कि जब 2 राज्यों के चुनाव परिणाम एक साथ आने हैं तो दोनों की तारीखों की घोषणा में इतना अंतर क्यों?
आपके ऊपर किसका दबाव था? : श्री @RaghusharmaINC
— Congress (@INCIndia) November 3, 2022
हिमाचल प्रदेश के चुनाव की घोषणा एक स्पेशल घोषणा थी। इसमें नोटिफिकेशन जारी होता है 14 अक्टूबर को, लेकिन 'कोड ऑफ कंडक्ट' लागू होता है 17 अक्टूबर को.. क्योंकि 16 अक्टूबर को पीएम मोदी की रैली थी, जिसे उन्हें सरकारी संसाधनों से पूरा करना था : श्री @RaghusharmaINC
— Congress (@INCIndia) November 3, 2022
10 मार्च के बाद अभी तक जितने भी कार्यक्रम हुए हैं, वे सभी 'सरकारी' कार्यकम थे जिसमें सरकारी पैसा पानी की तरह बहाया गया।
मोरबी दुर्घटना के बाद हमने कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए, लेकिन BJP सरकार ने अमानवीय व्यवहार करते हुए ऐसा कुछ नहीं किया : श्री @RaghusharmaINC
— Congress (@INCIndia) November 3, 2022
गुजरात चुनाव की तारीखों पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो तारीखें दी हैं हम उसका स्वागत करते हैं। यह विधानसभा के चुनाव अच्छी तरह से और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे उसकी हम उम्मीद करते हैं।
गुजरात चुनाव की घोषणा कर दी गई है। इसके विलंब होने का कारण यही है कि प्रधानमंत्री को सरकारी खर्च पर अपने राजनीतिक कार्यक्रम करने थे।
यहां तक कि मोरबी घटना का राजकीय शोक भी तीसरे दिन हुआ ताकि पीएम मोदी गुजरात में सारे 'रिबन' काट सकें : श्री @Pawankhera pic.twitter.com/R1qvQCHVYF
— Congress (@INCIndia) November 3, 2022
बता दें कि गुजरात चुनाव की घोषणा में देरी पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस ने टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया था कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संस्थान है. ये निष्पक्ष चुनाव कराता है. इस ट्वीट के साथ ही कांग्रेस ने गांधी जी के तीन बंदरों का इमोजी भी डाला था।
बहरहाल, विधानसभा चुनावों की अधिसूचना पांच नवंबर और 10 नवंबर को क्रमश: पहले और दूसरे चरण के लिए जारी होगी। पहले चरण के तहत नामांकन की अंतिम तिथि 14 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 17 नवंबर तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 15 और 18 नवंबर को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि क्रमश: 17 नवंबर (पहला चरण) और 21 नवंबर (दूसरा चरण) रखी गई है। भाजपा ने गुजरात में पिछले छह विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 99 सीट जीती थीं जबकि कांग्रेस को 77 सीट मिली थीं।
प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो उस चुनाव में भाजपा को 49.05 प्रतिशत मत मिले थे जबकि कांग्रेस को 42.97 प्रतिशत मत मिले थे। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इस वजह से विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 111 हो गई जबकि कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 62 पर पहुंच गई। इस बार के विधानसभा चुनाव में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी भी अपना दमखम दिखाने जा रही है।
पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब तक दर्जनों बार वहां का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पिछले कुछ समय से गुजरात और हिमाचल प्रदेश का दौरा करते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में उन्होंने गुजरात में सैकड़ों करोड़ रुपयों की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। गुजरात में 4.9 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और इनमें 4.6 लाख मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। निर्वाचन आयोग राज्य में 51,782 मतदान केंद्र स्थापित करेगा। इनमें 34,276 मतदान केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में हों। शहरी इलाकों में 17,506 मतदान केंद्र होंगे।
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