अयोध्या : मणिराम छावनी से आज रवाना होगी भरत यात्रा,भरतकुंड पर होगा स्वागत
अमृत विचार अयोध्या। रामनगरी से परंपरागत रूप से बीते 50 वर्षों से निकाली जा रही भरत यात्रा गुरुवार को सुबह 8:00 बजे मणिराम छावनी से रवाना होगी। यात्रा का भरतकुंड नंदीग्राम स्थित भारत हनुमान मिलन मंदिर पर महंत परमात्मा दास के नेतृत्व में स्वागत किया जाएगा। बताया गया कि भगवान श्रीराम के उदात्त चरित्र से …
अमृत विचार अयोध्या। रामनगरी से परंपरागत रूप से बीते 50 वर्षों से निकाली जा रही भरत यात्रा गुरुवार को सुबह 8:00 बजे मणिराम छावनी से रवाना होगी। यात्रा का भरतकुंड नंदीग्राम स्थित भारत हनुमान मिलन मंदिर पर महंत परमात्मा दास के नेतृत्व में स्वागत किया जाएगा।
बताया गया कि भगवान श्रीराम के उदात्त चरित्र से आमजन को प्रेरित करने तथा लोगों में भात्र भाव, गुरुजनों का आदर, मर्यादा तथा आदर्श जगाने के लिए मणिराम दास छावनी की ओर से बीते 50 वर्षों से भारत यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। भरत यात्रा प्रभुदत्त ब्रह्मचारी की प्रेरणा तथा उन्हीं की ओर से शुरू की गई थी।
इस यात्रा को राम को बनाने के लिए भाई भरत के चित्रकूट रवाना होने के तौर पर निकाला जाता है। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि गुरुवार को सुबह मणिरामदास छावनी से उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास शास्त्री, महंत रामशरण दास रामायणी श्री व्यास, महंत राम गोपाल दास जानकी शरण कुंज झूसी प्रयाग समेत अन्य संत महात्माओं की मौजूदगी में यात्रा को रवाना किया जाएगा।
पहले दिन भरतकुंड में विश्राम के बाद सुबह नंदीग्राम तीर्थ का दर्शन पूजन कर यात्रा सीताकुंड सुलतानपुर के लिए रवाना होगी। वहां से शनिदेव के लिए प्रस्थान करेगी और रात्रि विश्राम श्रृंगवेरपुर धाम में होगा। 12 नवंबर को प्रातः रामघाट व राम चौराहा का दर्शन करने के बाद रात्रि विश्राम रामायण कुटी चित्रकूट में, 13 नवंबर को कामदगिरि परिक्रमा, भरत मिलाप के बाद दर्शन पूजन कर रात्रि विश्राम रामघाट पर होगा तथा 14 नवंबर को यात्रा भरत की विदाई के बाद अयोध्या के लिए प्रस्थान करेगी। 15 नवंबर को भरतकुंड पहुंचने पर यात्रा का फिर स्वागत होगा और इसी के साथ नंदीग्राम महोत्सव शुरू हो जाएगा।
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