JNU संघर्ष: दिल्ली पुलिस ने दर्ज की दो अलग-अलग FIR
दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में छात्रों के दो समूहों के बीच हाथापाई के संबंध में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में छात्रों के दो समूहों के बीच हाथापाई के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि हाथापाई में गुरूवार को दो छात्र घायल हो गए, जबकि विश्वविद्यालय के सूत्रों ने एक ही छात्र के घायल होने का दावा किया।
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सूत्रों के अनुसार, बुधवार को नर्मदा छात्रावास के पास जन्मदिन की पार्टी के दौरान हाथापाई की घटना हुई थी। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम) मनोज सी ने कहा कि जेएनयू छात्र निशांत नागर की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जेएनयू के एक अन्य छात्र कार्तिक की शिकायत पर वसंत कुंज (उत्तर) पुलिस स्टेशन में इसी तरह की धाराओं के तहत दूसरी प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर कुछ कथित वीडियो क्लिप प्रसारित किए गए, जिसमें दिख रहा है कि कुछ छात्र परिसर में हाथ में लाठियां लिए भाग रहे हैं। एक वीडियो में नकाबपोश छात्रों को लाठियों के साथ देखा गया था। छात्रों में से एक ने जेएनयू की स्वेटशर्ट पहन रखी थी। पुलिस ने कहा कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो की सत्यता की जांच करेंगे। पुलिस और विश्वविद्यालय के सूत्र बताते हैं कि घटना में कोई भी राजनीतिक समूह शामिल नहीं है।
हाल के कुछ वर्षों में, विश्वविद्यालय में वामदलों से संबद्ध छात्र संगठनों और आरएसएस समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) छात्रों के बीच कई हिसंक घटनाएं देखी हैं। इसी वर्ष अप्रैल में, रामनवमी पर मेस में कथित रूप से मांसाहारी भोजन परोसने को लेकर कावेरी छात्रावास में छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। मालूम हो कि 5 जनवरी, 2020 को नकाबपोशों की भीड़ ने परिसर में धावा बोला था और तीन छात्रावासों में छात्रों को निशाना बनाया था। लगभग दो घंटे तक परिसर में अराजकता के कारण जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे।
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