कथा श्रवण से होता है भक्ति का उदय :दिनेशाचार्य
रामपुर भगन/ अयोध्या, अमृत विचार। भागवत केवल पोथी मात्र नहीं यह भगवान का ही स्वरूप है। यह भक्तों का परमधन है और भागवत सुनने का मतलब भगवान को सुनना है। जन्म जन्मांतर के पुण्यों के उदय से भागवत श्रवण का सौभाग्य मिलता है।
यह बातें बीकापुर क्षेत्र के खौंपुर-कोदैला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास महंत दिनेशाचार्य महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि हम सब भूतकाल के शोक वर्तमान के मोह और भविष्य के भय से ग्रसित हैं। इससे पीछा छुड़ाने वाली शक्ति का नाम है भक्ति। कथा व्यास ने कहा भागवत की कथा श्रवण करने से भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न होती है। मुख्य यजमान उमाशंकर तिवारी, विजय शंकर, कृष्ण कुमार, राम नारायण तिवारी, बृजभूषण चंद्र आदि उपस्थित रहे।
