हल्द्वानी: अब आरटीओ के जगह निजी कंपनी के हाथ होगी वाहनों की फिटनेस
हल्द्वानी, अमृत विचार। अब हल्द्वानी में भी वाहनों की फिटनेस की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी जा रही है। परिवहन विभाग सिर्फ कंपनी की संस्तुति के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करेगा। गाड़ी को चेक करने का काम उसका नहीं होगा। आरटीओ संदीप सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी के चयन को लेकर निर्णय शासन स्तर से होगा।
छह महीले बाद हल्द्वानी में वाहनों के फिटनेस के लिए लोगों को आरटीओ ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए अब लोगों को निजी कंपनी से वाहन के फिटनेस का प्रमाण लेना अनिवार्य होगा। वर्तमान में हल्द्वानी में गौलापार में खुले मैदान में गाड़ियों की फिटनेस की जाती है।
यहां आरआइ रैंक का अधिकारी तकनीकी कर्मचारियों के सहयोग से वाहन की पूरी जांच करता है। किसी तरह की कमी मिलने पर उसे दुरुस्त करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन शासन के निर्देश की वजह से अब यह काम निजी कंपनी को मिल जाएगा। संभावना है कि छह से आठ माह के बीच कंपनी का चयन होने के साथ नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
निजी कंपनी स्वचलित मशीनों के जरिये गाड़ी के अहम हिस्से को चेक करेगी। अधिकारियों के अनुसार इस काम में 10 ये 15 मिनट का समय ही लगेगा। जबकि सरकारी कर्मचारी मैन्युल तरीके से काम करते हैं। जिसमें ज्यादा वक्त लगता है। आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि ऊधम सिंह नगर में निजी कंपनी के सहयोग से नई व्यवस्था शुरू भी हो चुकी है। रुद्रपुर में एक सेंटर खुल चुका है। आरटीओ हल्द्वानी संदीप सैनी ने बताया कि ऊधम सिंह नगर में व्यवस्था लागू हो चुकी है। संभावना है कि छह से आठ माह बाद हल्द्वानी में ही इसी तरह से वाहनों की फिटनेस होगी। कंपनी का चयन शासन स्तर से ही होगा।
पीपीपी मोड के तहत नई व्यवस्था लागू होने पर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के ऐवज में परिवहन विभाग को 200 रुपये मिलेंगे। इसके फिटनेस में देरी को लेकर वसूला गया जुर्माना भी उसके खाते में आएगा। वाहन की भार क्षमता के हिसाब से 400, 600 और 1000 रुपये निजी कंपनी को मिलेंगे।
