बंधक संपत्ति खुर्दबुर्द करने का केस काशीपुर स्थानांतरित
काशीपुर, अमृत विचार। बैंक में बंधक संपत्तियों को धोखाधड़ी कर बेचने व 40 लाख रुपये का लोन की अदायगी नहीं करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर दो भाइयों के खिलाफ आईटीआई थाने में दर्ज प्राथमिकी को क्षेत्राधिकार के आधार पर प्रारंभिक जांच के बाद काशीपुर कोतवाली में स्थानांतरित किया गया है।
इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा काशीपुर के शाखा प्रबंधक योगेश चंद्रा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा था कि मैसर्स श्री कृष्णा विर्क्स इंडस्ट्रीज बरखेड़ा पांडे महुआखेड़ागंज के प्रोपराइटर धीरज कुमार शर्मा ने चार अगस्त 2017 को सीसी लिमिट व टर्म लोन से 40 लाख रुपये का ऋण लिया था।
धीरज कुमार के सगे भाई नीरज कुमार शर्मा की जसपुर स्थित जमीन को बैंक में बंधक बनाया था लेकिन नीरज कुमार शर्मा ने बैंक में बंधक सम्पत्तियों को पांच फरवरी 2020 व 31 दिसंबर 2019 को अंकुश कुमार निवासी ग्राम सबलपुर, तहसील ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद को बेच दी। जबकि दोनों संपत्ति ऋणों के एवज में बैंक के पास बंधक है। जब बैंक के अधिकारियों ने धीरज व नीरज से संपर्क किया तब दोनों ने धमकाया।
आईटीआई थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की थी। प्रारंभिक जांच के बाद आईटीआई थाने में दर्ज एफआईआर को क्षेत्राधिकार के आधार पर काशीपुर स्थानांतरित किया गया है। अब काशीपुर कोतवाली पुलिस विवेचना कर रही है।
