बहराइच: मानव संघर्ष को कम करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
एफडी व डीएफओ ने ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, बोले जल्द होगा निस्तारण
अमृत विचार, बिछिया, बहराइच। कतर्नियाघाट में मंगलवार को हाथी-मानव संघर्ष कम करने के लिए स्थानीय समुदाय के साथ दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामसभा आम्बा में स्थित कतर्निया वाइल्ड हैवेन रिसॉर्ट में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार पाठक व विशिष्ट अतिथि डीएफओ आकाशदीप बधावन रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों व इपीजी सदस्यों को प्रशिक्षण देने का कार्य डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने किया।
कार्यक्रम में एफडी ने कहा कि धरती को बचाने के लिए प्रजातियों का संरक्षण आवश्यक है। इसमें हाथी एक मुख्य प्रजाति है। इस प्रजाति का अक्सर ग्रामीणों के खेतों में प्रवेश कर फसल नुकसान करना व घरों को गिराना टकराव का मुख्य कारण है। स्थानीय समुदाय को जागरूक कर उनको हाथियों के साथ सह अस्तित्व की भूमिका में आना होगा एंव सौहार्दपूर्ण भूमिका में रहना होगा ।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने दुधवा टाइगर रिज़र्व व उसके आसपास जंगलों ' तराई एलिफैंट रिज़र्व ' घोषित किया है इससे फसलों के नुकसान का मुआवजा राशि किसानों को प्रदान करने हेतु बजट की कमी नही रहेगी एंव अन्य संसाधन जैसे सोलरलाइट, सोलरफेंस व सुरक्षा खाई आदि के लिए बजट मिल सकेगा। एफडी व डीएफओ ने हाथियों के संरक्षण पर कार्य कर रही न्यूज़ संस्था के कार्यों की सराहना की।
मुख्य प्रशिक्षक दबीर हसन ने ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, स्थानीय समुदाय द्वारा निगरानी एंव मुआवजा से सम्बंधित प्रपत्रों तैयार करना तथा अन्य तकनीकी पहलुओं को बताया। कार्यशाला में स्कूली छात्रों ने पेंटिंग के माध्यम से हाथियों के बारे में जानकारी को तस्वीरों के माध्यम से उकेरा जिसे संकलित करके न्यूज़ संस्था द्वारा आमंत्रित कला स्कॉलर सुरभि ने पेंटिंग के माध्यम से जंगली हाथियों के साथ सह-अस्तित्व पर जागरूक करते हुए उसे दरसाया।
न्यूज़ संस्था के मुख्य संयोजक अभिषेक ने विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित करवाया एंव सांपों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। कार्यशाला में अतिथियों को स्मृति चिन्ह व पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले स्कूली बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में न्यूज़ संस्था के सितांशु दास, फील्ड सहायक राजा हसन, अरविंद, रेंजर कतर्नियाघाट वीके मिश्रा, वन दरोगा पवन शुक्ला, सुरेश मौर्या, प्रधान इकरार अंसारी, माहे अंजुम रिज़वी आदि मौजूद रहे।
