बरेली: 3000 बच्चों के भविष्य का सवाल, पांच को बीडीए की विशेष बोर्ड बैठक बुलाई
श्री सिद्धि विनायक इंजीनियरिंग कॉलेज की भूमि के भू-परिवर्तन से जुड़ा है मामला
बरेली, अमृत विचार। श्री सिद्धि विनायक इंजीनियरिंग कॉलेज की भूमि के भू-परिवर्तन के मामले में फंसे पेच की वजह से 3000 बच्चों का भविष्य भी दांव पर लगा है। कई वर्षों से भू-परिवर्तन की फाइल पर निर्णय नहीं होने पर मामला शहरी एवं आवास नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव तक पहुंचा। इसमें प्रमुख सचिव ने हस्तक्षेप करते हुए मंडलायुक्त के पाले में गेंद डाली है। प्रमुख सचिव की चिट्ठी कमिश्नरी पहुंचीं। करीब 8 दिन पहले मंडलायुक्त संयुक्ता समद्दार ने प्रकरण से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बच्चों के भविष्य को लेकर 5 दिसंबर को बीडीए की विशेष बोर्ड बैठक बुलाई है।
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इस बोर्ड बैठक में महायोजना-2031 के निर्धारित भू-उपयोग के संबंध में आपत्ति उठाने वाले रेलवे विभाग के सहायक मंडलीय अभियंता को भी बुलाया गया है ताकि उनकी आपत्ति पर भी चर्चा हो सके। इधर, सिद्धि विनायक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के ट्रस्टी अनुपम कपूर ने राजस्व ग्राम दोहना पीतमराय एवं बिलवा के विभिन्न गाटों नंबरों पर मानचित्र स्वीकृति के लिए 6 जनवरी 2009 को आवेदन बीडीए के समक्ष प्रस्तुत किया था। शमन शुल्क के रूप में 26 लाख 75 हजार रुपये की धनराशि पहले जमा कर चुके हैं। पूर्व में बीडीए की ओर से 23 दिसंबर 2010, 26 नवंबर 2011 और 12 अप्रैल 2012 को ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किए गए थे। ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध शासन स्तर से प्रस्तुत निगरानी में एक प्रकरण में स्थगनादेश भी है।
इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन ने यह मांग रखी है
प्रमुख सचिव को 29 अगस्त को भेजे प्रार्थना पत्र में अनुपम कपूर ने कहा कि प्राधिकरण की 82वीं बैठक में प्रकरण को रखा गया। प्रकरण महायोजना 2001 से प्रभावित है और कृषि उपयोग में इंजीनियरिंग कॉलेज विशेष अनुमति से अनुमन्य है। इस कारण शमन मानचित्र कृषि उपयोग में स्वीकृत किया जाए। महायोजना 2031 में आवश्यक परिवर्तन करने की मांग रखी। उस बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन करने पर चर्चा हुई और यह भी कहा कि भू-उपयोग के परिवर्तन के बाद ही मानचित्र स्वीकृत की कार्रवाई हो सकती है। बाद में यह बात सामने आई कि उपरोक्त बैठक में हुए निर्णय को दरकिनार कर महायोजना 2031 में कोई परिवर्तन नहीं किया गया।
प्रमुख सचिव ने समाधान कर कार्यवाही की रिपोर्ट भेजने को कहा है
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव ने श्री सिद्धि विनायक इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रतिनिधि अनुपम कपूर समेत अन्य पक्षों की मौजूदगी में बैठक की। प्रमुख सचिव के यहां से जारी हुए कार्यवृत्त में यह कहा गया था कि बरेली विकास प्राधिकरण की 84वीं बोर्ड बैठक में महायोजना 2031 (प्रारुप) के लिए गठित समिति की संस्तुति के क्रम में आवेदक की आपत्ति निरस्त की गई और मामला बोर्ड बैठक के समक्ष रखा गया। जिसका अनुमोदन प्राधिकरण बोर्ड में किया जा चुका है। उक्त के अतिरिक्त उपाध्यक्ष द्वारा बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि भू-स्थल का भू-उपयोग बस, ट्रक अड्डा, ट्रक टर्मिनल का औचित्य नहीं रह गया है। प्रमुख सचिव ने मंडलायुक्त को इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रतिनिधि को आमंत्रित कर बीडीए की बोर्ड बैठकों में लिए गए निर्णय के दृष्टिगत प्रकरण का नियमानुसार समाधान करते हुए कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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