बागेश्वर: पहले गुलदार और अब भालू का हमला, बुजुर्ग घायल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बागेश्वर, अमृत विचार। पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों जंगली जानवरों का खतरा बढ़ गया है। पिछले दिनों गुलदार के हमले में कई बच्चों व लोगों की जान गई अब भालू का भी आतंक फैल गया है। बागेश्वर जिले में चुचेर गांव के एक बुजुर्ग को भालू ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। भालू ने उनका चेहरा पूरी तरह नोंच दिया है। भालू के हमले में बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है।

स्वजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया है। लोगों ने वन विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने गश्त करने और खूंखार जंगली जानवरों पर नियंत्रण करने की मांग की है। धरमघर वन क्षेत्र के अंतर्गत बुधवार की सुबह लगभग सात बजे 68 वर्षीय भगत सिंह कोरंगा चारापत्ती लेने के लिए जा रहे थे। घर से महज 200 मीटर की दूरी पर गौना गधेरे पर भालू ने उन पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। भालू ने उनके चेहरे को बुरी तरह नोंच दिया है।

भगत सिंह ने जान बचाने का भरपूर प्रयास किया और बचने के लिए ढलान की तरफ दौड़ लगा दी। शोर सुनकर ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। इस पर भालू वहां से भाग गया। ग्राम प्रधान भूपाल सिंह ने बताया कि बुजुर्ग बुरी तरह से जख्मी है। वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है। उन्हें जिला अस्पताल लाया जा रहा है।

बीते 13 नवंबर को भी भालू ने हमला किया था। क्षेत्र के भनार निवासी 55 वर्षीय शेर सिंह पुत्र भीम सिंह जंगल में भेड़-बकरियां चरा रहे थे। एकाएक वहां भालू धमक गया। वह सीधे उन पर झपट पड़ा और चेहरे और पैरों पर हमला करते हुए अपने दांतों से काट खाया। आसपास मौजूद अन्य लोगों ने शेर सिंह को बमुश्किल भालू के चंगुल से बचाया। उनका बरेली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी धरमघर प्रदीप कांडपाल ने बताया कि घायल भगत सिंह कोरंगा को 10 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। ग्रामीण परसीलाल वर्मा, मान सिंह कोरंगा ने कहा कि वन विभाग का मरहम है। उन्होंने तत्काल अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग की है।

संबंधित समाचार