बरेली: डेलापीर रोड पर पेड़ काटने पर ठेकेदार समेत चार के विरुद्ध केस
रिपोर्ट होने के बाद भी बुधवार को पेड़ों का कटान जारी रहा, बिना अनुमति के काटे थे पीपल और पाकड़
बरेली, अमृत विचार। डेलापीर रोड पर सिक्स लेन का कार्य किया जाना है। इसको लेकर 300 से ज्यादा पेड़ों को काटे जाना है लेकिन मंगलवार को ऐसे पेड़ों को काटना भी शुरू कर दिया गया जिनकी अनुमति वन विभाग से नहीं ली गई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पेड़ों के कटान का कार्य रुकवा दिया गया। हालांकि तब तक पेड़ों की जड़ें काटी जा चुकी थीं। बुधवार को इस मामले में वन अधिनियम के तहत पेड़ काटने वाले ठेकेदार समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद डेलापीर पर पेड़ों का कटान जारी था। विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि अब जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढें- बरेली: मुख्यमंत्री के आने से पहले प्रशासन ने लिया तैयारियों का जायजा, व्यवस्थाओं को लेकर हुई बैठक
मंगलवार शाम वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली कि डेलापीर चौराहे के पास सड़क किनारे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। क्षेत्रीय वनाधिकारी हरीश मेहता समेत वन दरोगा योगिता मौके पर पहुंचीं। वे जब मौके पर पहुंचे तो शहतूत, पीपल और पाकड़ के पेड़ों पर आरी चलाई जा चुकी थी। पेड़ कटान की अनुमति मांगी तो अनुमति नहीं दिखा पाए। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पेड़ों के कटान का कार्य रुकवा दिया। वन अधिकारियों का कहना था कि पेड़ और जगह दोनों बीडीए के हैं, सहायक अभियंता किसी प्रकार की अनुमति मौके पर नहीं दिखा पाए। क्षेत्रीय वनाधिकारी हरीश मेहता ने बताया कि वन अधिनियम के तहत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके बाद जुर्माना वसूला जाएगा।
अवैध कटान करने वालों से वसूला 6.6 जुर्माना
शहर में भले ही सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई हो, लेकिन बीते दिनों अवैध रूप से पेड़ों के कटान के मामले में वन विभाग द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। अप्रैल से लेकर नवंबर तक वन विभाग ने जिले में अवैध रूप से पेड़ों के कटान के चलते 54 केस वन अधिनियम के तहत दर्ज किए। जिले में 300 से ज्यादा पेड़ों का कटान अवैध रूप से किया गया। इसके अलावा 28 मामलों में अब तक जुर्माना वसूला जा चु का है। विभाग द्वारा नवंबर तक लगभग 6.6 लाख रुपए का जुर्माना वसूल किया गया है।
ये भी पढ़ें- बरेली: ठंड में अलाव के लिए तहसीलों को 50 हजार भेजने की तैयारी
