समस्त संकटों का एकमात्र कारण स्वार्थलिप्सा :डा. चैतन्य 

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Edited By Amrit Vichar
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श्री गुरु वशिष्ट डिजीटल संस्थान का हुआ शुभारंभ 

अमृत विचार, अयोध्या। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जनस्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण विषय है। हमारे व्यक्तिगत और समाज जीवन में समस्त संकटों का कारण स्वार्थलिप्सा है। स्वार्थ से वशीभूत होकर परमार्थ के कार्य से विरत हो जाने के कारण अनेकानेक समस्यायें विकराल रूप में आती रहती हैं। यह बात सोमवार को विवेक सृष्टि में आयोजित गीता जयन्ती महोत्सव में अध्यक्ष योगाचार्य डॉ. चैतन्य ने कही।

विवेक सृष्टि में आयोजित गीता जयन्ती के अवसर पर सोसाइटी फॉर एजुकेशन, वेलफेयर एंड अवेयरनेस सेवा की ओर से श्रीगुरु वशिष्ठ डिजिटल संस्थान का शुभारम्भ किया गया। डिजिटल संस्थान के निदेशक रवि तिवारी ने कहा कि संस्थान ज्ञान के व्यापक प्रसार के निमित्त डिजिटल स्कूल फॉर एथिकल स्टडीज का प्रकल्प शुरू कर रहा है। 

वशिष्ठ पीठ तीन कलश तिवारी मंदिर के  परंपरावाहक महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि आत्म संतुष्टि के भाव के साथ अपने और समाज के विकास के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। संयोजक डा. शशि भूषण राम त्रिपाठी ने जानकारी दी कि विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, मंसिका त्रिपाठी व अपर्णा शुक्ला को सम्मानित किया गया। अवध विश्वविद्यालय के गणित विभाग के आचार्य डॉ. सन्तशरण मिश्र ने भी सम्बोधन दिया। संगोष्ठी में अवध विश्विद्यालय के डा. संतशरण मिश्र, अरविन्द श्रीवास्तव समेत अन्य मौजूद रहे।

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