बरेली: जर्जर नहीं, सुरक्षित छत के नीचे होगी बच्चों की पढ़ाई, 1168 बच्चों को मिलेगी राहत
23 जर्जर स्कूलों का होगा समायोजन, नजदीक के स्कूलों में किए जाएंगे शिफ्ट
बरेली, अमृत विचार। अब किराए के खंडहर हो चुके स्कूल भवनों में खतरे के बीच बच्चों की पढ़ाई नहीं होगी। बीएसए ने बच्चों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के उद्देश्य जर्जर स्कूलों को करीब के ही दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए हैं। जनपद के ब्लॉक मझगवां, आंवला व नगर क्षेत्र में कुल 23 स्कूलों का समायोजन किया जाएगा।
इसके लिए संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। शासन के निर्देश पर जर्जर स्कूल भवनों का सत्यापन लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के सहायक अभियंता ने किया था। भवन स्वामी व प्रधानाचार्यों की बैठक कर भवनों की स्थिति से भी अवगत कराया गया था।
बीएसए की ओर से स्कूलों के समायोजन के लिए जारी पत्र के मुताबिक कई ऐसे विद्यालयों का भी समायोजन किया गया है, जिनमें शिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त कमरे नहीं थे। साथ ही जहां पक्की छत भी नहीं है। जर्जर सभी स्कूलों में कुल 1168 बच्चे पंजीकृत हैं। इन स्कूलों को यहां से सबसे करीब के स्कूलों में ही समायोजित किया गया है।
समायोजित स्कूलों की अधिकतम दूरी 700 मीटर है। इसके अलावा कई स्कूलों की दूरी 200, 250, 300 और 500 मीटर है। स्कूलों के लिए निर्धारित कुल 19 पैरामीटर में से जर्जर स्कूलों में महज 3, 4, 5 और अधिकतम 10 ही पैरामीटर संतृप्त पाए गए थे।
इन स्कूलों में होगा समायोजन: जगतपुर, गंगापुर, किशोर बाजार, कालीबाड़ी, नेकपुर, आईवीआरआई, बिहारीपुर, जसौली, बानखाना, चौधरी मोहल्ला, मोहम्मदपुर गौटिया, गंज द्वितीय, कटरा खाम, भुर्जीटोला के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में जर्जर स्कूलों को समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जर्जर भवनों में संचालित सभी स्कूलों को जल्द से जल्द समायोजित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। साथ ही प्रधानाध्यापकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। -विनय कुमार, बीएसए
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