नैनीताल: 300 से अधिक ग्राम प्रहरियों के पद रिक्त
नैनीताल, अमृत विचार। ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधिक घटनाओं की सूचनाओं को पुलिस व राजस्व तक पहुंचाने वाली कड़ी कमजोर पड़ गई है। आलम यह है कि जिले में 300 से अधिक ग्राम प्रहरियों के पदों पर लंबे समय से नियुक्ति नहीं हुई है। यहां तक कि अब मौजूद ग्राम प्रहरियों की थाना स्तर पर बैठके तक आयोजित नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधिक गतिविधियां बढ़ने का यह बड़ा कारण बन रहा है।
ज्ञात हो कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधिक घटनाओं की सूचना पाने समेत तमाम अपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रहरी की नियुक्ति का प्रावधान है। गांव में किसी भी तरह की संदिग्ध और अपराधिक वारदात होने पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देनी होती है। पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में कई अवैध कार्यों की सूचना भी पुलिस तक ग्राम प्रहरी द्वारा ही पहुंचाई जाती थी।
अब ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन कारोबार के साथ ही अन्य गतिविधियां बढ़ने लगी है। पुलिस के कार्यक्षेत्र में भी विस्तार हो रहा है। मगर लंबे समय से पुलिस और गांव के बीच की यह कड़ी कमजोर हो रही है। पूर्व में जिले में करीब 450 ग्राम प्रहरी तैनात थे, जिनकी संख्या घटकर अब करीब ढाई सौ रह गई है। पूर्व में हर माह ग्राम प्रहरियों की थाना स्तर पर बैठके आयोजित की जाती थी, मगर लंबे समय से थाना स्तर पर बैठके भी आयोजित नहीं की जा रही।
एसएसपी पंकज भट्ट ने कहा है कि ग्राम प्रहरियों की कमी का मामला उनकी भी जानकारी में है। करीब 300 ग्राम प्रहरियों की नियुक्ति का प्रस्ताव बनाया जाना है। जल्द ग्राम प्रहरियों की नियुक्ति कर गांवों और पुलिस के बीच की कड़ी को मजबूत किया जाएगा।
