बाजपुर: गोशाला में लगी आग, 18 मवेशी जिंदा जले
बाजपुर, अमृत विचार। ग्राम पंचायत बन्नाखेड़ा के बल्ली क्षेत्र में अज्ञात कारणों से लगी आग में गोशाला जलकर राख हो गई। अग्निकांड में 17 बकरियों के साथ ही एक गोवंशीय पशु की मौत हो गई। जबकि दो भैंसों सहित कई मवेशी बुरी तरह झुलसे हुए हैं। हल्का पटवारी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई तथा नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को दी जा रही है।
विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बन्नाखेड़ा बल्ली निवासी पदम सिंह पुत्र ईश्वर सिंह कच्चे आवास में रहता है। उसने अपने आशियाने के बारबर में ही गोशाला बना रखी हैं जिसमें बकरीपालन के साथ ही मवेशी पालने का काम करता है। रोजाना की भांति सोमवार की रात भी स्वजन भोजन इत्यादि ग्रहण करके सो गए। रात में किसी वक्त अज्ञात कारणों से गोशाला में आग लग गई जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी भीषण थी कि स्वजनों को अपने मवेशी व बकरियों को बाहर निकालने तक का मौका नहीं मिला। जिसके चलते 17 बकरियां जिंदा ही आग में जल गईं।
झुलसने से एक गोवंशीय पशु की भी मौत हो गई है। इसके अलावा दो भैंसों व दो गायों सहित कई मवेशी बुरी तरह से झुलसे हुए हैं और मरणासन्न स्थिति में हैं। सूचना मिलने पर मंगलवार की सुबह भाजपा नेता राजेश कुमार के साथ ही प्रधान पति प्रमोद कुमार, योगेश सैनी, किसान नेता जगतार सिंह बाजवा, गुलजारी सिंह बाजवा आदि ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी हासिल की। साथ ही स्वजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सूचना पर पहुंचे हल्का पटवारी ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया है।
आग पर काबू पाते झुलसे
पीड़ित के पुत्र हेम सिंह ने बताया कि इस भीषण अग्निकांड में आग पर काबू पाने के दौरान उनके पिता पदम सिंह और उनकी माता रामवीरी भी झुलस गए हैं। आसपास के लोगों बमुश्किल आग पर काबू पाया। मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी, उपनिरीक्षक राजस्व आदि ने जांच पड़ताल की।
गन्ने के खेत में लगी आग
ग्राम पंचायत गांव बाजपुर के अंतर्गत देशमित्र फार्म निवासी किसान आत्मा सिंह के गन्ने के खेत में आग लग गई। जिसमें किसान का कई एकड़ गन्ना आग की भेंट चढ़ गया है। किसान आत्मा सिंह के अनुसार खेत के ऊपर से बिजली की तार गुजर रही है और झूलते तारों में टचिंग होने के कारण निकली चिंगारी से गन्ने की सूखी पतई में आग लग गई। जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
