बहराइच: गोवध में कार्रवाई न करने पर लाइन हाजिर हुए चौकी इंचार्ज

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, जरवल/ बहराइच। गोवंश की पिटाई से मौत मामले में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न करने और आरोपियों को बचाने के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक ने जरवल चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है। दस दिन पूर्व जरवल चौकी क्षेत्र के एक युवक ने गोवंश को भाला मारकर घायल कर दिया था। पुलिस ने मवेशी के शरीर से भाला निकलवाकर इलाज शुरू कराया,लेकिन तीन दिन बाद ही इलाज के दौरान घायल गौवंश की मौत हो गई थी। कप्तान से मिलकर लोगों ने गौवंशीय मवेशी के  मौत मामले में जरवल चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोपी को बचाने का आरोप लगाया था।

भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रवक्ता पुत्तीलाल यादव ने ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा से मिलकर जरवल पुलिस चौकी इंचार्ज आरएस यादव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गौवंशीय मवेशी के हत्या के आरोपी को बचाने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने आगापुर पट्टी ताहा के नियाज पुत्र मुरशिद पर मांस बेचने के उद्देश्य से गोवंशीय मवेशी को भाला मारकर घायल कर देने का आरोप लगाया था। पेट में भाला लगने से घायल गोवंश इधर-उधर तडपता रहा।

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची जरवल चौकी पुलिस ने गोवंश के शरीर से भाला निकलवा कर इलाज करवाया, लेकिन इलाज के दौरान ही मवेशी की मौत हो गई थी। ग्रामीणों की कार्यवाही की मांग पर पुलिस ने पशु चिकित्सक से डाक्टरी करवाकर ग्रामीणों को कार्यवाही का भरोसा देकर गोवंंश के शव को दफनवा दिया था। दस दिन बाद भी पुलिस द्वारा कार्यवाही न करने और नामजद आरोपी को बचाने का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर वस्तु स्थिति से अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने जरवल चौकी इंचार्ज आर.एस.यादव को दोषी मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया है।

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