मेरठ: ड्रिलिंग करते समय विद्युत विभाग की टूटी अंडरग्राउंड बिजली लाइन, काम छोड़कर बिना बताए गए अवर अभियंता

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Edited By Amrit Vichar
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रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित मेरठ मेट्रो प्लाजा कांप्लेक्स के सामने रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। बुधवार को RRTS कर्मचारियों ने सड़क के नीचे अंडरग्राउंड ड्रिलिंग की।

मेरठ, अमृत विचार। रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य के दौरान कंपनी कर्मचारियों ने बिजली की अंडरग्राउंड लाइनों को भी ड्रिल कर दिया। RRTS की ड्रिलिंग के कारण मेरठ में 400 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के घर अंधेरा पसरा हुआ है। लाइन टूट जाने के कारण बिजली विभाग को पांच लाख रुपए का नुकसान हो गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने RRTS के खिलाफ थाने पर तहरीर दी।   

बुधवार से है आपूर्ति बाधित 
 रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित मेरठ मेट्रो प्लाजा कांप्लेक्स के सामने रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। बुधवार को RRTS कर्मचारियों ने सड़क के नीचे अंडरग्राउंड ड्रिलिंग की। कर्मचारियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को बिना सूचना दिए ड्रिलिंग मशीन से कार्य शुरू कर दिया। जिस, कारण बिजली की अंडरग्राउंड केबल टूट गईं। इस दौरान कई इलाकों में अंधेरा छा गया। आपूर्ति बाधित को लेकर उपभोक्ताओं ने विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। जांच करने पर पता चला कि रैपिड की ड्रिलिंग के कारण लाइनें टूट गई हैं और बिजली बाधित हो गई।

अवर अभियंता पर भी एक्शन की तैयारी
अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि घटना के दौरान अवर अभियंता टीपी नगर बिना अनुमति के अपना सीयूजी नंबर उपकेंद्र पर एसएसओ को देकर ब्रेकडाउन को अटेंड करने के बजाय गृह जनपद बलिया चले गए। काम में लापरवाही करने पर उनके खिलाफ भी एक्शन की तैयारी की जा रही है।  33 केवी उपकेंद्र टीपी नगर से जुड़े 11 केवी मेरठ मॉल फीडर पर मेरठ मॉल की बिजली भी गुल रही। रैपिड, मेट्रो द्वारा बिना अनुमति के ड्रिल करके एलटी केबिल तोड़ दी गई। हालांकि, बैकअप सुविधा होने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी को दूर किया गया है। विभाग को पांच लाख का नुकसान हुआ है।

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