छात्र हित में कर्मोदय योजना लाने वाला देश का पहला संस्थान बना लखनऊ विश्वविद्यालय, फिर शुरू हुए आवेदन

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र केंद्रित योजनाओं के तहत छात्र-छात्राओ से कर्मोदय योजना के लिए आवेदन शनिवार को फिर शुरू हो गए हैं। इस बार कर्मोदय योजना का द्वितीय चरण शुरू हुआ है। लखनऊ विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय द्वारा छात्र हित मे पिछले तीन वर्षो मे कर्मयोगी, कर्मोदय तथा शोधमेधा सहित कई अन्य नई योजनाओं की शुरुआत करी है जिससे छात्रों को समग्र विकास की दिशा मे बेहतरीन अवसर मिले हैं।

कर्मोदय योजना के अंतर्गत छात्रों के कौशल का उचित उपयोग करते हुए उन्हें अपनी  प्रतिभा को और अधिक निखारने का अवसर  प्रदान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत छात्र पढ़ाई के साथ-साथ अंतिम वर्ष में छह माह तक की इंटर्नशिप कर सकते हैं। 

 इस योजना से छात्रों के रोजगारपरक कौशल मे वृद्धि के साथ ही उनके टीम मे कार्य करने की क्षमता तथा उनके आत्मविश्वास मे वृद्धि भी होती है। इंटर्नशिप पूरी होने पर सभी छात्र छात्राओ को प्रमाण पत्र भी दिया जाता है जिससे छात्रों को रोजगार तलाशने में काफी आसानी होती है । छात्र हित में कर मोदी योजना लाने वाला देश का पहला संस्थान लखनऊ विश्वविद्यालय बना है।

जरूरतमंद छात्रों की राह आसान करती है योजना 
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर पूनम टंडन ने बताया कि विगत वर्ष कर्मोदय योजना  के तहत 100 से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए  थे जिनमे 40 विद्यार्थियों का चयन हुआ था। उन्होंने कहा इस योजना से जरूरतमंद छात्रों की मदद हो जाती है। इन छात्र छात्राओ ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में इंटर्नशिप पूरी कर ली है।

 उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप, इस प्रकार के इंटर्नशिप कार्यक्रम से छात्रों के लिए एक कार्यकुशल और सहायक वातावरण सुनिश्चित करने मे काफी मदद मिलती है। लखनऊ यूनिवर्सिटी पहला संस्थान है जो इस तरह की छात्र केंद्रित योजनाएं शुरू करके अपने छात्रों को लाभान्वित कर रहा है।

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