Kanpur News : आड़े-तिरछे और उल्टी दिशा में वाहनों के आने से अक्सर होते हादसे, यहां देखें- हादसों की पूरी लिस्ट
Kanpur News कानपुर में उल्टी दिशा में वाहनों के आने से अक्सर हादसे होते है।
Kanpur News कानपुर में आड़े तिरछे वाहन और उल्टी दिशा में वाहनों के आने से रोजाना हादसे होते है। कई बार हादसों में लोगों की मौत भी हो जाती है। लेकिन जिम्मेदार पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर कमिश्नरेट का धवस्त यातायात सिस्टम शहर में ठीक तरह से सुचारु नहीं हो पा रहा है। अराजकता का यह माहौल है कि आड़े तिरछे वाहन और उल्टी दिशा में वाहनों की रोजाना हो रही इंट्री से ताबड़तोड़ हादसे हो रहे हैं। इस लापरवाही से रोजाना लोगों की जानें जा रही हैं।
लेकिन जिम्मेदार पुलिस कतई सजग नहीं हो रही है। दो माह के भीतर शहर में करीब एक सैकड़ा के आसपास लोग अव्यवस्था और धवस्त सिस्टम की भेंट चढ़ चुके हैं। शहर में अराजकता पुलिस पर पूरी तरह से भारी है। जिससे जिंदगी की डोर टूट रही है।
एकल मार्ग की नहीं परवाह करते लोग
हाईवे हो या शहर के प्रमुख मार्ग रोड किनारे साफ बोर्ड में अंकित होता है कि यह एकल मार्ग है, उल्टी दिशा में जाना अपराध है। लेकिन ऐसे लिखे बोर्डों को लोग पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन कर नजरअंदाज करते हैं। लोग ब्रेफिक्र और मनमानी से उल्टी दिशा में घुस जाते हैं, जिस पर सामने से आने वाला वाहन सवार अपनी स्पीड में होता है, तभी दुर्घटना हो जाती है।
यह दृश्य आपको वीआईपी रोड नानाराव पार्क, फूलबाग चौराहा, मालरोड, घंटाघर एक्सप्रेस रोड, गोविंदपुरी पुल, मेडिकल कालेज पुल आदि पर धड़ल्ले से लोग तेज रफ्तार में वाहन पर भर्राटा भरते हुए अपने गंतव्य तक जाते हुए मिल जाएंगे। लापरवाह लोगों को अपनी जान जाने की भी कतई परवाह नहीं है।
हादसों में आगे रहा है कानपुर
एनसीआरबी की रिपोर्ट की मानें तो यूपी में रोड एक्सीडेंट की संख्या वर्ष 2020 के मुकाबले 2021 में काफी बढ़ गई है। जहां वर्ष 2020 में 28,653 रोड एक्सीडेंट हुए थे, वहीं पिछले वर्ष यह संख्या बढ़ कर 33711 तक पहुंच गई। कानपुर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है। कानपुर में वर्ष 2020 में 418 लोगों की जान एक्सीडेंट में चली गई थी, वहीं 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 593 हो गया। वहीं 2022 में अब तक ये आंकड़ा 350 के आसपास पहुंच चुका है।
- उल्टी दिशा ने कई परिवारों को उजाड़ दिया
- घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र में 9 दिसंबर को उल्टी दिशा में आ रहे मौरंग लदे डंपर ने लोडर सवार तीन भाईयों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
- नौबस्ता थानाक्षेत्र में 18 नवंबर को नौबस्ता हमीरपुर रोड पर डंपर ने उल्टी दिशा में जा रहे बाइक सवार को कुचल दिया।
- सचेंडी थाना क्षेत्र में 9 जून को किसान नगर में उल्टी दिशा से आ रहे टेंपो और डबल डेकर बस की टक्कर में 17 लोगों की मौत हो गई थी।
- गोविंद नगर थानाक्षेत्र में 19 अगस्त को गोविंदपुरी पुल पर उल्टी दिशा से आ रहे एंबुलेंस की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी।
- रेलबाजार थानाक्षेत्र अंतर्गत 30 जनवरी को इलेक्ट्रिक बस ने 6 लोगों को कुचल दिया था।
बेतरतीब पार्किंग हादसे की एक वजह
बेतरतीब वाहनों की पार्किंग और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते शहर के यातायात की स्थिति पूरी तरह से चरमराई है। इन दिनों सहालगों के चलते रुक-रुककर पूरा शहर जाम में जकड़ा जाता है। जिसमें वाहन सवार फंसकर छटपटाते रहते हैं।
शहर के मुख्य मार्गों में दिनभर में कई बार वीआईपी और वीवीआईपी समेत दर्जनों मरीजों से भरी एंबुलेंसे गुजरती और फंसती हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। चालीस फुट की सड़क में बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण भी हादसे की एक वजह हैं।
अराजकता से जाम हो गया आम
जाम में फंसकर रोज लोग प्रशासन को कोसते नजरआते हैं। उन लोगों का कहना है कि शहर में जाम लगना तो अब आम हो गया है। जरीब चौकी चौराहा, हैलट पुल, रावतपुर, ग्वालटोली, वीआईपी रोड, सूटरगंज, सिविल लाइंस, चुन्नीगंज, लाटूश रोड, घंटाघर, अनवरगंज, मूलगंज, यतीमखाना, परेड अस्पताल रोड, चेतना चौराहा, पनचक्की चौराहा, लालबंगला, चकेरी, महाराजपुर रोड समेत दर्जनों क्षेत्रों में जाम लगना आम हो गया है। रोज सैकड़ों वाहन सवार जाम में फंसते हैं। जाम में कई स्कूलों के बच्चे भी रोज फंसकर बेहाल हो जाते हैं। लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं।
