टनकपुर: मां पूर्णागिरि क्षेत्र में पेयजल की अब समस्या होगी दूर
टनकपुर, अमृत विचार। देश के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में अक्सर सरकारी पूर्णागिरि मेले के द्वारा पेयजल व्यवस्था दुरुस्त न होने से मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले श्रद्धालुओ को आने वाली समस्या का अब जल्द ही निस्तारण हो जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अथक प्रयासों से पूर्णागिरि क्षेत्र में अक्सर होने वाले पेयजल समस्या को दूर करने के लिए स्वीकृत लादीगाड़ पेयजल योजना का सर्वे शुरू हो गया है।
इस मसले को लेकर देहरादून के भूगर्भशास्त्री जीडी नैथानी के नेतृत्व में आई टीम ने सर्वे कार्य शुरू किया।
उल्लेखनीय है कि मां पूर्णागिरि धाम भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी आध्यात्मिक स्थल के रूप में माना जाता है। मान्यताओं और महत्व के कारण हर वर्ष मां पूर्णागिरि धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। होली पर्व के बाद सरकारी तौर पर लगभग तीन माह का पूर्णागिरि मेला संचालित होता है। इतनी लंबी अवधि तक संचालित होने वाला उत्तराखंड का यह एक मात्र मेला है।
इस दौरान मेले में अक्सर पेयजल संकट होने के कारण मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ धाम के पुजारियों और दुकानदारों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब पूर्णागिरि क्षेत्र में पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार भी विशेष पहल कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को इस समस्या से निजात मिल सके। करीब आठ माह पूर्व दो अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के बाद मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में दूसरी लादीगाड़ पेयजल योजना की घोषणा की थी। इस पेयजल योजना के निर्माण के लिए भू-परीक्षण के साथ-साथ अन्य कार्य में शुरू हो रहे हैं।
वहीं, लगभग तीन वर्ष पूर्व मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी पेयजल योजना की घोषणा की थी। लगभग 3. 95 करोड़ की लागत से इस पेयजल योजना पर भी कार्य चल रहा है। इधर, सर्वे के दौरान मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी, कमलापति पांडेय के अलावा जल संस्थान के सहायक अभियंता बीएस कुआर्बी आदि मौजूद रहे।
