मेरठ: बैकफुट पर आया स्कूल प्रबंधन, फिर शुरू होगी दो सगी बहनों की पढ़ाई, मां नहीं जमा कर सकी थी फीस

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Edited By Amrit Vichar
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मेरठ, अमृत विचार। मेरठ की रहने वाली दो सगी बहनों की पढ़ाई फिर से शुरू हो सकेगी। राष्ट्रीय बाल आयोग के कड़े रुख के बाद स्कूल प्रबंधन को दोनों छात्राओं की पढ़ाई दोबारा शुरू करनी पड़ी। इस मामले में छात्राओं की मां ने गाजियाबाद पेरेंटस एसोसि‌एशन से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी थी।

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कोरोना काल में हुई थी पिता की मृत्यु, हो गई थी आर्थिक स्थिति कमजोर
मेरठ निवासी दो छात्राएं मेरठ के एक स्कूल में कक्षा सात और दस की छात्रा हैं। कोरोना काल में छात्राओं के पिता की मृत्यु हो गई थी। जिसके, बाद परिवार लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। यहीं, कारण रहा कि छात्राओं की मां उनकी फीस नहीं भर सकी। लगातार मिन्नत के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी।

बीएसए के आदेश को भी किया किनारे
छात्राओें की मां ने इस संबंध में मेरठ के बीएसए से संपर्क साधा था। जिस, पर बीएसए ने स्कूल प्रबंधन को फीस माफी के लिए पत्र लिखा। बीएसए के आदेेश  के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने उनके आदेशों को दरकिनार कर दिया। साथ ही 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को प्री-बोर्ड परीक्षा देने से रोक दिया गया और छोटी बहन को फीस जमा न करने पर दंड स्वरूप ग्राउंड में खड़ा किया गया। जांच हुई तो जिला प्रशासन को मामला सही मिला।

गाजियाबाद पेरेंटस एसोसिएशन से की शिकायत
छात्राओं की मां ने इसके बाद गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा त्यागी से मिली और उन्हें जानकारी दी। मामला गंभीर देख उन्होंने राष्ट्रीय बाल आयोग के अधिकारियों से बात की। जिस, पर राष्ट्रीय बाल आयोग ने मामला संज्ञान में लेते हुए स्कूल प्रबंधन को आदेश जारी किए। जिस पर स्कूल प्रबंधन को बैकफुट पर आना पड़ा।

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