बरेली: कहीं हीटर का प्रयोग बंद कमरे को गैस चैंबर न बना दे
बाथरूम में गैस गीजर का प्रयोग भी करें सावधानी से, 10 वर्ष पहले बीडीए सचिव की मौत कमरे में रखे हीटर से उठी गैस से हो चुकी
बरेली, अमृत विचार। सर्दी बढ़ने लगी है। इससे बचने के लिए गर्म कपड़ों के साथ हीटर और कोयले की अंगीठी का प्रयोग होने लगा है। सुबह नहाने को गर्म पानी के लिए लोग गीजर का प्रयोग करते हैं, मगर इनका प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। बाजार में आधुनिक प्रणाली के गीजर और हीटर चलन में हैं।
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दुकानदार बताते हैं कि यह गीजर या हीटर ऑटो कट है, ज्यादा गर्म होने पर सप्लाई कट हो जाती है, लेकिन इस पर कम खुद पर विश्वास ज्यादा करने की जरूरत है। हीटर और गीजर के ऑटो कट के चक्कर में लापरवाही बरती तो हादसा हो सकता है।
सर्दी बढ़ने के साथ लोगों ने इससे बचने के लिए संसाधनों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। कुछ लोग हीटर से गर्म पानी करके नहाते रहे हैं तो कुछ गर्म पानी के लिए गैस गीजर लगवाते हैं। गैस गीजर की कीमत इलेक्ट्रिक गीजर के मुकाबले कम होती है। गैस गीजर को चलाने के लिए एलपीजी की जरूरत होती है। एलपीजी से चलने के साथ ही इसमें से खतरनाक गैस निकलती है, जो नुकसान पहुंचा सकती है।
न्यूरो सर्जन डा. सुधीर गुप्ता ने बताया कि गैस गीजर को आमतौर पर लोग बाथरूम में लगवाते हैं। बहुत से घरों में बाथरूम छोटे होते हैं। जब कोई बाथरूम में जाता है और पर्याप्त आक्सीजन न मिलने पर वह बेहोश हो सकता है। अभी कोई ऐसा केस नहीं आया है, लेकिन पिछले वर्ष बंद बाथरूम में बेहोश होने वाले कई मरीज अस्पताल आए थे। परिजन ने बताया कि बाथरूम गए थे। वहीं बेहोश हो गये। जानकारी करने पर गीजर कारण निकला।
बीडीए में सचिव रहे सुभाष उत्तम सरकारी आवास में अकेले रहते थे। 2013 में बीडीए बोर्ड की बैठक से आने के बाद रात में सकुशल सोने के बाद सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों ने कार्यालय में सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो कमरे में हीटर चलता पाया गया था। खिड़की और दरवाजे बंद थे। इससे प्रथमद्ष्टया माना गया कि उनकी मौत दम घुटने से हुई।
शनिवार को संभल जिले में रात को गैस हीटर ऑन करके छोड़ दिया गया था। सुबह में पति-पत्नी की लाश मिली। दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पिछले साल कार में गैस बनने से आग लग गई। इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इस समय ठंड बढ़ रही है। ऐसे में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
महिलाएं ज्यादा होती हैं प्रभावित: बाथरूम जैसी छोटी जगह में जब गैस गीजर चलता है तो वेंटीलेशन की कमी से वहां कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ जाती है और ऑक्सीजन कम हो जाती है। कार्बन डाई ऑक्साइड के साथ-साथ कार्बन मोनो ऑक्साइड भी बढ़ जाती है।
ऐसे में नहाते समय आक्सीजन की कमी दिमाग में भी कम हो जाती है। इससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है। खासकर महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं क्योंकि अमूमन महिलाएं नहाने में पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा समय लगाती हैं।
यह रखें सावधानियां:
- लेटते समय हीटर का प्रयोग न करें, यह न सोचें कुछ देर में बंद कर देंगे
- हीटर चला रहे हैं तो खिड़की खोलकर रखें
- गैस गीजर बाथरूम में बाहर की तरफ लगवाएं, ताकि हानिकारक गैस अंदर न बने
- गैस गीजर अंदर है तो नहाने से पहले बाल्टी में पानी भर लें
- बाथरूम में कोई नहाने गया है तो देर होने पर उसे सामान्य तरीके से न लें
यह भी ध्यान रखें: गैस गीजर किस जगह पर लगवा रहे हैं, क्योंकि यदि इसे कम स्पेस या फिर पूरी तरह से बंद जगह पर लगवाते हैं तो हादसा होने की संभावना बढ़ जाती है। बंद जगह पर इसे लगवा रहे हैं तो एग्जास्ट फैन या फिर वेंटीलेशन जरूर हो, ताकि गैस गीजर से किसी भी प्रकार का अगर कोई लीकेज हो तो वह बाहर निकल जाए।
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