बरेली: अस्पतालों में बढ़ी डायरिया व निमोनिया से ग्रसित बच्चों की संख्या

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Edited By Amrit Vichar
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डॉक्टर बोले- गर्म कपड़ों के साथ दूध पिलाने वाली मां को खान-पान का भी रखना होगा विशेष ध्यान

बरेली, अमृत विचार। चार दिनों से ठंड बढ़ी है। सुबह और शाम को कोहरे की चादर छाई रहती है। यह मौसम बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में डायरिया और निमोनिया से ग्रसित बच्चों की संख्या अधिक देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों को उचित देखभाल और खानपान का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

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ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चे निमोनिया से ग्रसित: जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड प्रभारी डा. करमेंद्र के अनुसार सर्दी बढ़ने के बाद से ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों में निमोनिया और डायरिया के लक्षण सामने आ रहे हैं। वहीं गंभीर बच्चों को तुरंत वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बच्चों के इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन और दवाएं उपलब्ध हैं।

बच्चों के खानपान का रखें ध्यान: वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. अतुल अग्रवाल के अनुसार बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए उनके खान -पान पर ध्यान दें। ठंडी वस्तुएं जैसे आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक से उनको तुरंत सर्दी हो सकती है। इसलिए हमेशा हल्का गर्म खाना या गुनगुना पानी ही पिलाएं। ठंड के मौसम में बच्चे पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाने से बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा तरल भोजन देकर पानी की कमी को दूर करें।

बच्चा तेजी से ले सांस या सीने में हो घरघराहट तो लें डॉक्टर की सलाह: वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. रवि खन्ना ने बताया कि सर्दी में बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। शिशु को ठंड से बचाना चाहिए। उन्हें पूरे कपड़े पहनाकर रखें। बच्चों में तेज सांस लेना, घरघराहट आदि भी निमोनिया का संकेत हो सकते हैं।

निमोनिया के आम लक्षणों में खांसी, सीने में दर्द, बुखार और सांस लेने में मुश्किल आदि होते हैं। उल्टी होना, पेट या सीने के निचले हिस्से में दर्द होना, कंपकपी, शरीर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द भी निमोनिया के लक्षण हैं। पांच साल से कम उम्र के ज्यादातर बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें सांस लेने तथा दूध पीने में भी दिक्कत होती है और वे सुस्त हो जाते हैं। लक्षण होने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

- जिस कमरे में बच्चा सोता है, उसमें वेंटिलेशन ठीक हो, कमरा पूरी तरह से बंद न हो

- बच्चे को उतने ही गर्म कपड़े पहनाएं, जिससे ठंड से बचाव हो और वह असहज महसूस न करे

- जिस कमरे में बच्चा सोता है अगर वहां हीटर या ब्लोअर लगा है तो वहां चौड़े मुंह के बर्तन में पानी भर कर रखें, जिससे कमरे में आर्द्रता बनी रहे

- ऑयल बेस्ट हीटर का प्रयोग करना अधिक लाभकारी होता है।

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