शाहजहांपुर: सत्यानंद हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ पर गैरइरादन हत्या की रिपोर्ट दर्ज

Amrit Vichar Network
Published By Om Parkash chaubey
On

आरोप: डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही से बच्चे की हुई मौत 

शाहजहांपुर, अमृत विचार। शहर में आठ माह के बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने सत्यानंद हॉस्पिटल के डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ गैरइरादन हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दुधमुंहा बच्चे के पिता का आरोप है कि डाक्टर व स्टाफ की लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

चौक कोतवाली के मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी अर्पित मिश्रा ने बताया कि 22 दिसंबर की सुबह साढ़े दस बजे वह अपने आठ माह के पुत्र अंश मिश्रा को लेकर इलाज के लिए सत्यानंद हॉस्पिटल अजीजगंज गया था। उसके पुत्र को दस्त आने की समस्या थी। डॉक्टर गौरव मिश्रा ने ओपीडी में बच्चे को देखा और भर्ती कराने की सलाह दी।

उन्होंने डाक्टर की सलाह पर बेटे को अस्पताल में इस उम्मीद में भर्ती करा दिया कि बेटे की हालत सुधर जाएगी। बेटे को भर्ती करने के बाद अस्पताल के स्टाफ ने बच्चे के मुंह एक बूंद दवा डाली। उसी समय बच्चे के मुंह से झाग आने लगा, इससे कुछ ही देर में बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। इस पर उसे आईसीयू में ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद बेटे को मृत घोषित कर दिया गया।

अर्पित का आरोप है कि उसके पुत्र की इलाज में लापरवाही एवं गलत इलाज के कारण मृत्यु हुई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली। बता दें कि पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कारण कराया था। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रख दिया गया था, जो जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। 

पीड़ित पक्ष अर्पित की तहरीर पर डॉ. गौरव मिश्रा व अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ धारा 304-ए में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। विवेचना के उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी। - योगेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक

अस्पताल में सिर्फ एक घंटा 5 मिनट बच्चा रहा, जिसमें 40 मिनट तक बच्चे को बचाने की कोशिश की जाती रही। हकीकत यह है कि मैंने और स्टाफ ने बच्चे को बचाने की भरसक कोशिश की। अन्य आरोप निराधार हैं। मुझे यकीन है कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।-- डॉ. गौरव मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ।

ये भी पढ़ें - शाहजहांपुर: थाना दिवस में देरी से आने पर जिला कृषि अधिकारी पर नाराज हुए डीएम 

संबंधित समाचार